मंदसौर। मल्हारगढ़ क्षेत्र के बादपुर निवासी कमलेश राठौर की माताजी की पुण्यतिथि पर आज एक भावुक और प्रेरणादायी पहल देखने को मिली जहां अपनी माताजी स्व. राजीबाई की स्मृति को संजोते हुए उनके पुत्र कमलेश राठौर ने आज अनु योग हॉस्पिटल में रक्तदान कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
खास बात यह है कि पिछले वर्ष भी इसी दिन माताजी के उपचार के दौरान उनके मित्रों ने करीब 250 किलोमीटर दूर इंदौर पहुंचकर रक्तदान किया था। उस समय एक साथ बड़ी संख्या में युवाओं ने रक्तदान कर न केवल जरूरत के समय मदद का हाथ बढ़ाया, बल्कि सच्ची दोस्ती, भाईचारे और इंसानियत की शानदार मिसाल कायम की थी।
पिछले वर्ष रक्षाबंधन के पर्व पर ही माताजी के स्वास्थ्य उपचार के दौरान रक्त की आवश्यकता पड़ने पर कमलेश राठौर के मित्रों ने बिना देर किए इंदौर पहुंचकर रक्तदान किया था। उस दौरान करीब 25 से अधिक युवाओं ने रक्तदान कर यह संदेश दिया था कि सच्चा दोस्त वही है जो मुश्किल समय में साथ खड़ा रहे।
कमलेश राठौर द्वारा रक्तदान करना उसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाने वाला कदम है। उन्होंने अपनी माताजी की याद को केवल शब्दों और श्रद्धांजलि तक सीमित न रखते हुए रक्तदान जैसे पुण्य कार्य के माध्यम से उन्हें याद किया। इस अवसर पर युवाओं के लिए भी एक सकारात्मक संदेश सामने आया किसी अपने की स्मृति को जीवंत रखना और जरूरतमंद इंसान की मदद करना है। खून का रिश्ता हो या दोस्ती का रिश्ता, असली रिश्ता वही है जो जरूरत के वक्त काम आए। रक्तदान करें, किसी की जिंदगी बचाएं और इंसानियत का रिश्ता निभाएं।
मां की याद में किया गया यह रक्तदान निश्चित रूप से समाज के लिए एक प्रेरणादायी पहल है और यह संदेश देता है कि रिश्ते केवल यादों से नहीं, बल्कि अच्छे कर्मों से भी जिंदा रहते हैं।