रतलाम/जावरा। पैराडाइज वैली में 23 अगस्त को हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। जावरा के त्रिमूर्ति कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के पिकनिक दल के दौरान गहरे पानी में डूबने से दो शिक्षकों विजय सिंह राठौर और प्रिंस मोदी तथा कक्षा 7 के छात्र हर्षित पाटीदार की मौत हो गई थी। हादसे के बाद अब स्कूल प्रबंधन की कथित लापरवाही को लेकर आक्रोश तेज हो गया है। राष्ट्रीय गुजराती बलाई समाज ने मंगलवार 25 अगस्त को अनुविभागीय अधिकारी जावरा को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि स्कूल संचालक संदीप सक्सेना के कहने पर विद्यार्थियों को ऐसे पिकनिक स्थल पर ले जाया गया, जहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। पानी में बच्चों के जाने के बाद जब कुछ विद्यार्थी गहरे पानी में फंसने लगे तो शिक्षकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना उन्हें बचाने के लिए छलांग लगा दी। इसी दौरान हर्षित पाटीदार को बचाने के प्रयास में शिक्षक विजय सिंह राठौर और प्रिंस मोदी भी गहरे पानी में चले गए और उनकी जान चली गई।
हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। ज्ञापन में विशेष रूप से शिक्षक विजय सिंह राठौर के परिवार की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया गया कि वे परिवार में कमाने वाले प्रमुख व्यक्ति थे तथा उनके वृद्ध माता-पिता की उम्र 90 वर्ष से अधिक है।
राष्ट्रीय गुजराती बलाई समाज ने सरकार से मांग की है कि बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान करने वाले दोनों शिक्षकों को शहीद का दर्जा दिया जाए। साथ ही दोनों शिक्षकों के परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी और कम से कम एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। मृतक छात्र हर्षित पाटीदार के परिवार को भी उचित मुआवजा देने की मांग की गई है।
ज्ञापन में त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल के संचालक एवं प्राचार्य के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है, ताकि भविष्य में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी ऐसी गंभीर लापरवाही दोबारा न हो।
हादसे की पुलिस जांच जारी है। अब निगाहें प्रशासनिक जांच और स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही तय होने पर टिकी हैं। समाज ने प्रशासन से मांगों का शीघ्र निराकरण कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की अपील की है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत