रतलाम। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, प्रखर विचारक, साहित्यकार, लेखक, कवि एवं वरिष्ठ पत्रकार बंशीलाल गांधी का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से प्रदेश के राजनीतिक, सामाजिक, साहित्यिक और पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई। गांधी ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में राजनीति के साथ-साथ साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया और अपनी अलग पहचान बनाई।
बंशीलाल गांधी का राजनीतिक सफर बेहद प्रभावशाली रहा। वे मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों पर रहे। इसके अलावा उन्होंने मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के चेयरमैन के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 1977 के आम चुनाव में वे मंदसौर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे थे।
राजनीति से अलग पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में भी बंशीलाल गांधी का योगदान उल्लेखनीय रहा। वे नई दिल्ली से प्रकाशित ‘सांध्य समाचार’ के संपादक रहे। युवा पत्रकार के रूप में उन्होंने जर्मनी और रूस में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश की पत्रकारिता और विचारधारा को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। वे संवेदनशील कवि, गंभीर लेखक और प्रखर चिंतक के रूप में भी सम्मानित रहे।
उनके निधन को राजनीतिक और साहित्यिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न वरिष्ठ नेताओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, साहित्यकारों और सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत बंशीलाल गांधी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
उनका अंतिम संस्कार 27 अगस्त को प्रातः 9:30 बजे उनके निज निवास 365/12 विक्रम नगर, रतलाम से अंतिम यात्रा के रूप में निकलेगा। अंतिम यात्रा त्रिवेणी मुक्तिधाम पहुंचेगी, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और शहर के गणमान्य नागरिकों के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है।