रतलाम/भोपाल। भारत आदिवासी पार्टी का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन आगामी 9 और 10 सितंबर को रतलाम में आयोजित किया जाएगा। अधिवेशन को लेकर पार्टी स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। राष्ट्रीय अधिवेशन में मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और सक्रिय कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। दो दिनों तक चलने वाले इस अधिवेशन में पार्टी की अब तक की गतिविधियों, संगठनात्मक विस्तार और आगामी राजनीतिक एवं सामाजिक रणनीति पर मंथन किया जाएगा।
अधिवेशन में जल, जंगल और जमीन, आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकार, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। इसके साथ ही आदिवासी एवं वंचित समाज की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने तथा उनके अधिकारों की प्रभावी रक्षा के लिए आगामी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मध्यप्रदेश से भारत आदिवासी पार्टी के एकमात्र विधायक एवं सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि राष्ट्रीय अधिवेशन पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण अवसर होगा। उन्होंने कहा कि संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने की रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि आदिवासी समाज के साथ-साथ दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की मजबूती से आवाज उठाई जा सके।
विधायक डोडियार के अनुसार पार्टी का उद्देश्य केवल राजनीतिक विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना भी पार्टी की प्राथमिकता है। अधिवेशन में पार्टी के आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों, जनहित के मुद्दों और समाज को राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को सामने रखेंगे। इसके आधार पर भविष्य की रणनीति और आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी। रतलाम में होने वाला यह राष्ट्रीय अधिवेशन भारत आदिवासी पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और आगामी राजनीतिक दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसकी जानकारी सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार द्वारा दी गई।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत