रतलाम। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री जनसेवा मित्रों को पुनः रोजगार देने और मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को तत्काल बंद करने की मांग को लेकर जनसेवा मित्र संगठन मध्यप्रदेश ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन द्वारा मंगलवार 25 अगस्त को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रदेश के करीब 9,300 जनसेवा मित्रों को पुनः रोजगार प्रदान करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
संगठन ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यह ज्ञापन अंतिम ज्ञापन है। यदि जनसेवा मित्रों के रोजगार को लेकर सरकार ने तत्काल कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आगामी 4 सितंबर को भोपाल में 9,300 जनसेवा मित्रों द्वारा विशाल आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि आंदोलन के लिए प्रदेश सरकार और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
ज्ञापन में कहा गया कि जनसेवा मित्रों ने शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके बावजूद रोजगार समाप्त किए जाने से हजारों युवाओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संगठन ने मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को बंद कर जनसेवा मित्रों को पुनः अवसर देने की मांग की है।
ज्ञापन देने के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जनसेवा मित्र मौजूद रहे। जावरा से शुभम शर्मा, रतलाम से रेखा मईड़ा, शिवगढ़ से सीमा मईड़ा, बसंती, कैलाश मईड़ा, पिपलौदा से रामकिशन कुमावत, सैलाना से राहुल बुज और विशाल मईड़ा सहित जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह मईड़ा उपस्थित रहे।
संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जनसेवा मित्रों को उनका अधिकार और रोजगार चाहिए। यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो 4 सितंबर को भोपाल में होने वाला आंदोलन सरकार के लिए बड़ा दबाव बन सकता है।
जनसेवा मित्र संगठन की हुंकार—हमें आश्वासन नहीं, अधिकार चाहिए… 9,300 जनसेवा मित्रों को न्याय और रोजगार चाहिए।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत