रतलाम। अनजान शहर में घायल अवस्था में अकेले पड़े व्यक्ति के लिए मदद का हाथ बढ़ाकर उसे उसके घर तक सुरक्षित पहुंचाना मानव सेवा की सच्ची मिसाल बन गया। रतलाम में जिला रोगी कल्याण समिति के सदस्य एवं समाजसेवी गोविंद काकानी की पहल से पंजाब के 57 वर्षीय घायल यात्री भूपेंद्र पिता इकबाल, निवासी कसेल, जिला तरन तारन, पंजाब को न केवल बेहतर उपचार मिला, बल्कि उनके घर लौटने की पूरी व्यवस्था भी कराई गई।
जानकारी के अनुसार भूपेंद्र सूरत, गुजरात से ट्रेन के माध्यम से पंजाब अपने घर जा रहे थे। यात्रा के दौरान पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें 13 अगस्त को डॉ. लक्ष्मी नारायण पांडे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां अस्पताल अधीक्षक प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में अस्थि विभागाध्यक्ष डॉ. नितिन कराडिया, डॉ. अवधेश भाटी, डॉ. मोहित एवं डॉ. कपिल ने उनका उपचार किया।
भूपेंद्र अकेले यात्रा कर रहे थे। उनका बेटा कनाडा में रहता है और रतलाम में उपचार के दौरान उनके साथ कोई परिजन मौजूद नहीं था। उपचार पूरा होने के बाद भूपेंद्र ने चिकित्सकों से अपने घर पंजाब लौटने की इच्छा जताई। चिकित्सकों के माध्यम से समाजसेवी गोविंद काकानी से संपर्क हुआ।
मामले की जानकारी मिलते ही काकानी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और वीडियो कॉल के माध्यम से भूपेंद्र की उनके परिजनों से बातचीत करवाई। इसके बाद काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सहयोग से उनकी यात्रा का टिकट उपलब्ध कराया गया। वहीं प्रदेश कैबिनेट मंत्री एवं विधायक चैतन्य काश्यप के सहयोग से ट्रेन में रिजर्वेशन की व्यवस्था भी कराई गई।
सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद भूपेंद्र को सुरक्षित रूप से पंजाब स्थित उनके घर के लिए रवाना किया गया। इस दौरान उनके चेहरे पर अपने परिवार तक पहुंचने की खुशी साफ दिखाई दी।
गोविंद काकानी ने बताया कि अनजान शहर में अकेले उपचार करा रहे व्यक्ति को उसके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाना भी समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इस मानवीय कार्य में चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधन, काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन तथा विधायक चैतन्य काश्यप का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। यह पहल सेवा, संवेदना और इंसानियत की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत