रतलाम/जावरा। औद्योगिक क्षेत्र जावरा थाना पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी की गई कुल 4 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई लगातार की जा रही जांच, सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से पड़ताल और संदिग्धों के आने-जाने वाले रास्तों की निगरानी के आधार पर की। बरामद मोटरसाइकिलों की कुल कीमत करीब 2 लाख 85 हजार रुपये बताई गई है। हालांकि वारदात को अंजाम देने वाले अज्ञात आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और उनकी पहचान एवं गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस के अनुसार 17-18 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि ग्राम केरवासा से दो मोटरसाइकिलें चोरी हुई थीं। इसके बाद 23-24 अगस्त की मध्यरात्रि ग्राम उपलई से भी दो मोटरसाइकिलें अज्ञात बदमाश चोरी कर ले गए। मामले में फरियादियों की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 441/26, 448/26 एवं 449/26 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार (भापुसे) ने आरोपियों की गिरफ्तारी एवं चोरी की संपत्ति बरामद करने के लिए लगातार निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार एवं नगर पुलिस अधीक्षक जावरा युवराजसिंह चौहान के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र जावरा प्रकाश गडरिया के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखाई दिए संदिग्धों के हुलिए और उनकी गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने ग्राम टोकड़ा, लाखाखेड़ी कंजर डेरा राजस्थान की ओर जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी बारीकी से जांच की।
इसके बाद पुलिस टीम ने 26 और 27 अगस्त को कंजर डेरों में दबिश देकर सर्चिंग अभियान चलाया। इस दौरान लाखाखेड़ी कंजर डेरा के पास बनी एक खाणी में झाड़ियों के अंदर छिपाकर रखी गई चारों चोरी की मोटरसाइकिलें पुलिस ने बरामद कर लीं। पुलिस अब आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है।
बरामद वाहनों में हीरो सुपर स्प्लेंडर MP 43 EH 1377, हीरो स्प्लेंडर प्लस MP 43 ZL 7048, एसपी साइन MP 43 ZB 4020 तथा होंडा साइन नई मोटरसाइकिल शामिल हैं। बरामद चारों वाहनों की अनुमानित कीमत 2 लाख 85 हजार रुपये है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक प्रकाश गडरिया, उनि. मोहम्मद अय्यूब खान, उनि. रावजी डामोर, प्रधान आरक्षक शिवपालसिंह, प्रधान आरक्षक धीरेन्द्रसिंह सहित आरक्षक भूपेन्द्रसिंह, कारूलाल, कुलदीप पाटीदार, गोपाल, रविन्द्रसिंह एवं शादाब बेग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत