रतलाम। आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा और गरीब, पीड़ित एवं वंचित वर्ग को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में जयस भील एकता मिशन संगठन (मध्यप्रदेश) ने बड़ा कदम उठाया है। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष एवं सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के मार्गदर्शन में रतलाम जिला इकाई के लिए 8 वरिष्ठ अधिवक्ताओं को विधि अधिकारी सह सलाहकार नियुक्त किया गया है। इस संबंध में प्रदेश सचिव मांगूसिंह सिंगाड़, झाबुआ ने 31 जुलाई 2026 को नियुक्ति आदेश जारी किए।
जारी आदेश के अनुसार रतलाम जिला न्यायालय एवं जिले की निचली अदालतों में वर्षों से अभ्यास कर रहे अनुभवी अधिवक्ताओं को संगठन की कानूनी टीम में शामिल किया गया है। इनकी जिम्मेदारी आमजन विशेषकर आदिवासी, गरीब, पीड़ित एवं शोषित वर्ग के कानूनी मामलों में मार्गदर्शन देना तथा संगठन को विधिक सहायता प्रदान करना होगी।
इन अधिवक्ताओं को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
दिनेश गर्गवाल एडवोकेट (घुघड़)
बापूसिंह निनामा एडवोकेट (मोलावा)
कनेश निनामा एडवोकेट (बोरदा)
दशरथ वसुनिया एडवोकेट (रामपुरिया भीलान)
दीपिका भाभर एडवोकेट (भैंसवाड़ी)
निर्मला डामर एडवोकेट (खोरी)
बालाराम भाभर एडवोकेट (भागट और)
राजू भूरिया एडवोकेट (रामपुरिया)
नियुक्ति पत्र में प्रदेश सचिव मांगूसिंह सिंगाड़ ने कहा है कि इन अधिवक्ताओं की योग्यता और अनुभव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनसे अपेक्षा की गई है कि वे समाज के गरीब, पीड़ित और प्रताड़ित लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा अपनी विधिक विशेषज्ञता से संगठन को मजबूत करेंगे।
संगठन का मानना है कि मजबूत कानूनी टीम बनने से समाज के लोगों को न्याय दिलाने की लड़ाई और अधिक प्रभावी होगी। यह नियुक्तियां संगठन के विस्तार के साथ-साथ समाज के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही हैं।
नियुक्ति आदेश की प्रतिलिपि जयस भील एकता मिशन संगठन के संस्थापक अध्यक्ष एवं सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार तथा रतलाम जिला अध्यक्ष पूनमचंद चौहान को भी प्रेषित की गई है।
जयस भील एकता मिशन संगठन द्वारा रतलाम जिले में विधिक प्रकोष्ठ के इस विस्तार को संगठन की बड़ी रणनीतिक पहल माना जा रहा है। इससे न केवल संगठन की कानूनी कार्यप्रणाली मजबूत होगी बल्कि आदिवासी समाज सहित जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने के अभियान को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत