मंदसौर। मध्यप्रदेश में सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मंदसौर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में सीतामऊ थाना क्षेत्र में एमडी ड्रग्स बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री पर देर रात दबिश देकर भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स रसायन उपकरण और एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो-एन कार जब्त की है।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा और आरोपियों की गिरफ्तारी के उद्देश्य से जवाबी फायर किए। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 31 जुलाई और 1 अगस्त की दरमियानी रात मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम स्नेही मिश्रा तथा अनुविभागीय अधिकारी एसडीओपी दिनेश प्रजापति के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने ग्राम मानपुरा मानपुरा-बड़ावदी रोड स्थित पानी की टंकी के पास दिलीप गायरी के खेत में बने टीन शेड पर दबिश दी।
मौके पर मौजूद दिलीप पिता भेरूलाल गायरी, गोविंद पिता भेरूलाल गायरी निवासी मानपुरा तथा पिंटू सिंह सिसौदिया निवासी बजरंगगढ़ राजस्थान ने पुलिस टीम पर गोलीबारी कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की लेकिन आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए।
तलाशी के दौरान पुलिस ने 110 ग्राम एमडी ड्रग्स, 208 किलोग्राम एमडीसी केमिकल, 117 किलो 800 ग्राम अन्य रासायनिक पदार्थ, 1 किलो 800 ग्राम क्रिस्टलनुमा पदार्थ एक बिना नंबर की महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन, इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा, गैस भट्टी, इलेक्ट्रिक ड्रायर हीटगन रिएक्शन ड्रम मोटरयुक्त मिक्सिंग ड्रम प्लास्टिक की बाल्टियां जग स्टील के बर्तन टिश्यू रोल टेप सहित एमडी ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाले बड़ी मात्रा में उपकरण जब्त किए हैं।
इस मामले में अपराध क्रमांक 414/26 दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की धारा 109 एवं 132 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने तीनों फरार आरोपीयों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर तलाश तेज कर दी है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध कारोबार से जुड़ा हो सकता है और इसके नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
इस त्वरित कार्रवाई में सीतामऊ थाना प्रभारी निरीक्षक कमलेश प्रजापति, निरीक्षक अनिल रघुवंशी, उपनिरीक्षक कुलदीप राठौर, उपनिरीक्षक कपिल सौराष्ट्रीय, उपनिरीक्षक विनय बुंदेला, उपनिरीक्षक विकास गहलोद एवं सायबर सेल टीम का योगदान रहा।