रतलाम /सैलाना/सरवन
रतलाम जिले के सरवन निवासी वीरेंद्र तोष्णीवाल ने सैलाना स्थित एक निजी विद्यालय सैलाना पब्लिक स्कूल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनकी पुत्री ने वर्ष 2025-26 में कक्षा 6वीं की पढ़ाई इसी विद्यालय से पूरी की, लेकिन पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने छात्रा की शिक्षा पोर्टल पर ऑनलाइन मैपिंग ही नहीं की। इसका खामियाजा अब परिवार को भुगतना पड़ रहा है और लाड़ली लक्ष्मी योजना की राशि भी अटक गई है।
वीरेंद्र तोष्णीवाल के अनुसार उनकी बेटी का पहले नवोदय विद्यालय में चयन हुआ था, लेकिन कुछ दिनों बाद वापस आने पर उसका प्रवेश सैलाना पब्लिक स्कूल में करा दिया गया।
प्रवेश के समय विद्यालय को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए थे। इसके बावजूद पूरे वर्ष मैपिंग नहीं की गई। विद्यालय ने फीस ली, पढ़ाई कराई, परीक्षा दिलाई, रिजल्ट और टीसी भी जारी कर दी, लेकिन शिक्षा पोर्टल पर छात्रा का रिकॉर्ड अपडेट नहीं किया।
अभिभावक का आरोप है कि जब उन्होंने बाद में सीएम राइज कन्या विद्यालय में प्रवेश कराया, तब मैपिंग की समस्या सामने आई।
इस दौरान उन्हें कई बार विद्यालय के चक्कर लगाने पड़े, शपथ पत्र और अन्य दस्तावेज बनवाने में सैकड़ों रुपये अतिरिक्त खर्च करना पड़ा। अब आंगनवाड़ी से जानकारी मिली कि शिक्षा पोर्टल पर मैपिंग नहीं होने के कारण लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
वीरेंद्र तोष्णीवाल का कहना है कि उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. निखिल मिश्रा से कई बार फोन पर संपर्क किया, लेकिन समाधान करने के बजाय बार-बार स्वयं स्कूल आने के लिए कहा गया।
उनका कहना है कि वे और उनकी पत्नी दोनों प्राइवेट नौकरी करते हैं, इसलिए बार-बार विद्यालय पहुंचना संभव नहीं है, जबकि सभी दस्तावेज पहले से विद्यालय के पास उपलब्ध हैं।
अभिभावक ने पूरे मामले की शिकायत संबंधित शिक्षा विभाग और प्रशासन से करने की बात कही है तथा मांग की है कि छात्रा की मैपिंग तत्काल पूर्ण कर लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि एक छात्रा के साथ ऐसा हुआ है तो अन्य बच्चों के साथ भी ऐसी लापरवाही हो सकती है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत