रतलाम। गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग को जन-जन तक पहुंचाने और गौ संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरण का संदेश देने के उद्देश्य से शुक्रवार को रतलाम के बाजना बस स्टैंड स्थित राधा-कृष्ण गवली मंदिर से गौ माता को राष्ट्रमाता बनाने हेतु रतलाम से श्री सांवरिया सेठ पैदल यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया गया। यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
श्रद्धालुओं ने गौ माता की पूजा कर राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं यात्रा की सफलता के लिए प्रार्थना की।
पूजन के बाद श्रद्धालुओं, गौ भक्तों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ यात्रा को रवाना किया। इस दौरान मंदिर परिसर जय गौ माता जय श्री सांवरिया सेठ और गौ माता को राष्ट्रमाता बनाओ जैसे जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित लोगों ने यात्रियों का पुष्पवर्षा एवं माल्यार्पण कर आत्मीय स्वागत किया तथा सफल, मंगलमय और जनहितकारी यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि गौ संरक्षण, गौ संवर्धन एवं भारतीय संस्कृति में गौ माता के महत्व के प्रति समाज को जागरूक करना भी है। आयोजकों ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और सनातन परंपरा का अभिन्न आधार हैं। इसलिए उन्हें राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने के लिए यह जनजागरण यात्रा निकाली जा रही है।
यात्रा के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में गौ भक्त, धर्मप्रेमी नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में गौ सेवा, गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने ईश्वर से प्रार्थना की कि यह यात्रा सफल, सुरक्षित एवं जनजागरण का सशक्त माध्यम बने और समाज में गौ सेवा के प्रति नई चेतना का संचार करे।
गौ माता का सम्मान — राष्ट्र का अभिमान तथा जय गौ माता, जय श्री सांवरिया सेठ के उद्घोषों के साथ यात्रा उत्साहपूर्ण वातावरण में अपने निर्धारित गंतव्य की ओर रवाना हुई।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत