रतलाम /बाजना। चातुर्मास के पावन अवसर पर बाजना में विराजित साध्वी वर्या परम पूज्य सौम्यायशा श्रीजी महाराज साहब एवं परम पूज्य अर्पिता श्रीजी महाराज साहब के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु वंदना, पूजन एवं धर्म आराधना कर अपने गुरुदेव के प्रति अटूट श्रद्धा प्रकट की।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी वर्या परम पूज्य सौम्यायशा श्रीजी महाराज साहब ने कहा कि मानव जीवन चिंतामणि रत्न के समान अत्यंत दुर्लभ है। जीवन का प्रत्येक क्षण अमूल्य है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को एकांत में बैठकर यह चिंतन अवश्य करना चाहिए कि हम कहाँ से आए हैं, हमें कहाँ जाना है और मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य क्या है। उन्होंने कहा कि गुरु बिन ज्ञान न होए केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन का शाश्वत सत्य है। जिस प्रकार शरीर के लिए प्राण आवश्यक हैं, उसी प्रकार जीवन को सही दिशा देने के लिए गुरु का होना अनिवार्य है। यदि जीवन में सच्चे गुरु मिल जाएँ तो समझिए जीवन सफल और सार्थक हो गया।
उन्होंने कहा कि सूर्य का प्रकाश बाहरी अंधकार को दूर करता है, लेकिन मन के अज्ञान रूपी अंधकार को केवल गुरु ही ज्ञान रूपी प्रकाश से समाप्त कर सकते हैं। गुरु ही वह दिव्य शक्ति हैं जो साधारण मनुष्य को नारायण, पाषाण को परमात्मा और तीतर को तीर्थंकर बनने की दिशा प्रदान करती है। गुरु शिष्य के भीतर छिपी दिव्यता को जागृत कर उसे मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर करते हैं।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु वर्या सौम्यायशा श्रीजी महाराज साहब की अक्षत वधावना एवं गुरु पूजन का लाभ संदीप, पारस एवं चंद्रकांत नाहर परिवार ने प्राप्त किया। गौतम स्वामीजी की अष्टप्रकारी पूजा का लाभ मनीष कुमार, अमित कुमार एवं शांतिलाल कावड़िया परिवार ने लिया, जबकि 28 प्रकार की गौतम स्वामी पूजा का लाभ संदीप कुमार, पारस एवं चंद्रकांत नाहर परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं गवली एवं संग पूजा का लाभ प्रकाशचंद्र एवं कमलेश कुमार पालरेचा परिवार ने श्रद्धापूर्वक अर्जित किया।
इस अवसर पर चातुर्मास समिति अध्यक्ष मयूर कोठारी सहित अंशुल पालरेचा, शुभम जैन, कपिल पालरेचा, केसरीमल पालरेचा, महिपाल कोठारी, प्रकाश चौरड़िया, जैनेंद्र चौरड़िया, पंकज पालरेचा, विमल कोठारी, दीपक कोठारी, राजेंद्र पालरेचा, अशोक पालरेचा, ऋषभ मूणत, रतन चौरड़िया, मनोज नाहर, विनोद पालरेचा सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान गुरु भक्ति, धर्म आराधना और आध्यात्मिक वातावरण ने सभी को भावविभोर कर दिया।
रिपोर्ट ईश्वर टांक ( बाजना )
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत