मोरवानी (रतलाम)। कारगिल विजय दिवस एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की स्मृति दिवस के अवसर पर ग्राम मोरवानी में राष्ट्रभक्ति, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम आदिवासी एकता परिषद, अखिल भारतीय भील समाज, जय आदिवासी युवा शक्ति, महाराणा पूजा जनकल्याण संगठन, मध्यप्रदेश अजाक्स एवं वीर एकलव्य आदिवासी सामाजिक सेवा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर, जननायक भगवान बिरसा मुंडा एवं मां सरस्वती के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित अतिथियों ने कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश सदैव अपने वीर सैनिकों के बलिदान का ऋणी रहेगा और उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाली वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती अनिता वर्मा का नीम का पौधा, श्रीफल एवं गुलाब के पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य नहीं गढ़ता बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। श्रीमती वर्मा की सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें शिक्षा जगत की प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने परिसर में नीम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, हरित भारत और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संदेश दिया। उपस्थित जनों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का भी संकल्प लिया।
वक्ताओं ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन, वैज्ञानिक उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भारत का मिसाइल मैन बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया तथा युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी। उनके प्रसिद्ध विचार सपने वे नहीं जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि सपने वे हैं जो हमें सोने नहीं देते को याद करते हुए युवाओं से शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का मार्ग अपनाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में सीमा बैंजामिन (सुपरवाइजर), विनोद गहलोत, रेखा सेन, गोपाल केरावत, श्रीमती हेमलता, सुगना सिंगाड़, कृष्णा गरवाल, राधाबाई, प्रकाश सिंगाड़, श्रीमती राजू गांधी, अंजना राठौड़, पूजा हाड़ा, समाजसेवी सूरतलाल डामर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, महिला प्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता, शिक्षा के प्रसार तथा पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ। इस आयोजन ने कारगिल के अमर शहीदों के प्रति सम्मान, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के प्रेरक व्यक्तित्व तथा समाज में शिक्षा और पर्यावरण के महत्व को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।
रिपोर्ट ईश्वर टांक ( बाजना )
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत