रतलाम/सरवन। रतलाम-बांसवाड़ा मार्ग पर शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे सरवन थाना क्षेत्र के गरेठी टोल के समीप नदी किनारे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्राला अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे पलट गया। हादसा इतना भयावह था कि ट्राले का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक मुकेश यादव, जो महाराष्ट्र का निवासी बताया जा रहा है, केबिन में बुरी तरह फंस गया। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही सरवन थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए करीब 3 से 4 घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान ट्राले को पीछे खींचने की व्यवस्था की गई, भारी मशीनों की मदद ली गई और गैस कटर से ट्राले के लोहे के हिस्सों को काटकर चालक तक पहुंचने का रास्ता बनाया गया।
रेस्क्यू के दौरान पुलिसकर्मियों ने केवल तकनीकी ही नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं का भी परिचय दिया। घायल चालक को लगातार होश में बनाए रखने के लिए उससे बातचीत की जाती रही, उसके चेहरे का पसीना पोंछा गया, उसे हवा दी गई और हिम्मत बंधाई गई ताकि उसकी सांसें सामान्य बनी रहें। आखिरकार घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद चालक को जीवित बाहर निकाल लिया गया और तत्काल एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज रतलाम भेजा गया।
इस सफल रेस्क्यू अभियान में प्रधान आरक्षक हिम्मत सिंह राठौर एवं आरक्षक गजपाल सिंह की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। उनकी तत्परता, सूझबूझ और साहस के चलते एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकी। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस टीम के इस मानवीय और साहसिक कार्य की खुलकर प्रशंसा की।
हादसे के दौरान समाज के दो अलग-अलग चेहरे भी सामने आए। जहां कई जागरूक नागरिकों ने पुलिस के साथ मिलकर राहत कार्य में सहयोग दिया, वहीं कुछ असामाजिक तत्व दुर्घटना का फायदा उठाकर ट्राले का सामान उठाकर ले जाने का प्रयास करते नजर आए। हालांकि पुलिस ने तत्काल स्थिति पर नियंत्रण करते हुए सामान को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।
फिलहाल दुर्घटनाग्रस्त ट्राले को हटाने के लिए क्रेन और अन्य संसाधनों की सहायता ली जा रही है तथा मार्ग पर यातायात को पूरी तरह सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं। दुर्घटना के कारणों की जांच सरवन पुलिस द्वारा की जा रही है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत