रतलाम / सैलाना। जैन समाज के लिए अत्यंत पावन चातुर्मास की शुरुआत सोमवार को सैलाना में भव्य धार्मिक वातावरण के बीच हुई। श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ एवं चातुर्मास समिति 2026 के तत्वावधान में साध्वीवर्या श्री चारूदर्शा श्रीजी म.सा., श्री विधिता श्रीजी म.सा. एवं श्री प्रभूता श्रीजी म.सा. के चातुर्मास मंगल प्रवेश का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर पूरी तरह धर्ममय वातावरण में रंगा नजर आया और बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 7:15 बजे सागर वाटिका में नवकारसी से हुई। इसके बाद सुबह 8:30 बजे मंगल प्रवेश सामैया निकाली गई। शोभायात्रा सागर वाटिका से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः सागर वाटिका पहुंची। श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयघोषों के साथ साध्वी मंडल के स्वागत में शामिल हुए। सफेद वस्त्रों में श्रावक और केसरिया परिधान में श्राविकाओं की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
मंगल प्रवेश के पश्चात साध्वी मंडल ने मांगलिक प्रवचन देते हुए चातुर्मास की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चातुर्मास आत्मशुद्धि, संयम, तप, साधना और धर्म आराधना का श्रेष्ठ अवसर है। इस दौरान धर्म के मार्ग पर चलकर जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया गया। प्रवचन के बाद श्रद्धालुओं के लिए स्वामीवात्सल्य का आयोजन भी किया गया जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने प्रसादी ग्रहण की।
आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रीसंघ एवं चातुर्मास समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने व्यापक व्यवस्थाएं कीं। समाज के व्यापारियों ने भी धार्मिक आस्था का परिचय देते हुए दोपहर तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर कार्यक्रम में सहभागिता की।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 के चातुर्मास के दौरान सैलाना में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, आराधना, तप एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिनका लाभ बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्राप्त करेंगे। सोमवार का यह मंगल प्रवेश समारोह श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह का अद्भुत संगम बन गया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत