रतलाम। विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत की मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी जिला रतलाम द्वारा रविवार 19 जुलाई 2026 को गांधीनगर स्थित नूरी गेस्ट हाउस में एक दिवसीय बाल संस्कार केंद्र अभ्यास वर्ग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृशक्ति और दुर्गावाहिनी की कार्यकर्ता बहनों को बाल संस्कार केंद्रों के संचालन, उनके महत्व और समाज में उनकी भूमिका के प्रति प्रशिक्षित करना था, ताकि आने वाली पीढ़ी में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति के संस्कारों का प्रभावी रूप से संवर्धन किया जा सके।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद आयोजित विभिन्न सत्रों में बहनों को विस्तार से बताया गया कि बाल संस्कार क्या है, इसकी आवश्यकता क्यों है, प्रत्येक क्षेत्र में बाल संस्कार केंद्र क्यों संचालित किए जाने चाहिए तथा उन्हें व्यवस्थित रूप से कैसे संचालित किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं, नैतिक शिक्षा, अनुशासन और चरित्र निर्माण से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। बाल संस्कार केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अभ्यास वर्ग में मातृशक्ति प्रांत संयोजिका श्रीमती आरती जायसवाल ने बहनों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि बच्चों में बचपन से ही संस्कारों का बीजारोपण किया जाए तो वे भविष्य में समाज और राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ता बहनों से अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से बाल संस्कार केंद्र प्रारंभ करने और अधिक से अधिक बच्चों को इससे जोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष राधेश्याम रावल, जिला उपाध्यक्ष मीना भावसर, जिला संयोजिका सरिता ओहरी, नामली प्रखंड संयोजिका शीतल गहलोत सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी की कार्यकर्ता बहनों ने सहभागिता की। अभ्यास वर्ग में कुल 25 बहनों की उपस्थिति रही। सभी ने समाज में संस्कारयुक्त पीढ़ी के निर्माण के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं संगठनात्मक संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम की जानकारी विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के सह प्रसार प्रमुख रिक्की सेन द्वारा प्रदान की गई। आयोजन को सफल बनाने में सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता बहनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत