रतलाम। शहर के माणकचौक थाना पुलिस ने यूको बैंक की लक्कड़पीठा रोड शाखा में ग्राहकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बैंक कर्मचारी ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत ग्राहकों की बिना अनुमति एफडी मोबाइल ऐप के माध्यम से तुड़वाकर राशि अपने खाते में ट्रांसफर की और बाद में अपने परिचितों के खातों में भेजकर अवैध लाभ अर्जित किया।
पुलिस के अनुसार 30 जून 2026 को फरियादी दिनेश बंजारा ने माणकचौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि यूको बैंक की लक्कड़पीठा रोड शाखा में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी राहुल राठौर ने उनके सहित कई खाताधारकों की एफडी बिना जानकारी और बिना अनुमति मोबाइल ऐप के माध्यम से तोड़कर राशि अपने खाते में जमा कर ली। इसके बाद रकम को अन्य लोगों के खातों में स्थानांतरित कर दिया गया।
शिकायत के आधार पर माणकचौक थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं राकेश पंद्रो तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक लेनदेन की गहन जांच के बाद सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में राहुल राठौर निवासी त्रिमूर्ति नगर रतलाम जो यूको बैंक का आउटसोर्स कर्मचारी है, रवि कुमावत निवासी ग्राम उमरन, दिनेश राव निवासी धीरजशाह नगर रतलाम, अरुण जैन निवासी संत नगर रतलाम, जितेंद्र कुमावत निवासी ग्राम उमरन, त्रिलोक झा मूल निवासी मधुबनी बिहार हाल निवासी मिडटाउन कॉलोनी रतलाम तथा मुकेश राठौर निवासी सिद्धार्थ नगर रतलाम शामिल हैं।
पुलिस आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि इस गिरोह ने अब तक कितने खाताधारकों की एफडी अवैध रूप से तुड़वाई, कुल कितनी राशि की धोखाधड़ी की गई तथा इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में इस हाई-प्रोफाइल बैंक फ्रॉड से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
इस बड़ी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान के साथ माणकचौक थाना पुलिस एवं साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत