रतलाम
रतलाम जिले में 17 मार्च से शुरू हुआ जनआंदोलन अब उग्र और लंबा खिंचता जा रहा है। जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में हजारों लोगों का हुजूम पिछले 24 घंटे से अधिक समय से महू-नीमच फोरलेन और सेजावता क्षेत्र में डटा हुआ है, जिससे पूरा इलाका जाम और तनाव की स्थिति में है।
सड़क पर सन्नाटा नहीं, संघर्ष है
जहां आम दिनों में तेज रफ्तार से दौड़ने वाली गाड़ियां नजर आती थीं, आज वहां किलोमीटरों लंबा जाम, खड़ी गाड़ियां और सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारी दिखाई दे रहे हैं।
यह जाम कल दोपहर से शुरू होकर आज तक जारी है, जिसने आम जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया है।
आम जनता त्रस्त, हर वर्ग प्रभावित
मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे
स्कूली बच्चे रास्तों में फंसे
मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट
व्यापारी और यात्री घंटों से जाम में परेशान
हर तरफ से सिर्फ एक ही आवाज आ रही है—कब खुलेगा रास्ता?
पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव
स्थिति को संभालने के लिए पुलिस के बड़े आला अधिकारी पिछले 24 घंटे से लगातार मौके पर डटे हुए हैं, हालात काबू में रहे।
थकी हुई पुलिस, बढ़ता जनसमूह और लगातार बना जाम—यह सब मिलकर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।
भूख हड़ताल और बिगड़ते हालात
जीवन सिंह शेरपुर ने धरना और भूख हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
प्रदर्शन के दौरान एक महिला के बेहोश होने की घटना ने आंदोलन को और संवेदनशील बना दिया है।
कलेक्टर से ही होगी बात
प्रशासन द्वारा मौके पर ज्ञापन लेने की बात को ठुकराते हुए शेरपुर ने साफ कहा—
हम सड़क पर बैठे हैं, लेकिन आवाज कलेक्टर तक ही पहुंचेगी। जनता से बड़ा कोई नहीं होता।
11 मांगों पर अड़ा आंदोलन
प्रदर्शनकारियों की मांगें सीधे तौर पर जिले की कानून व्यवस्था और जनहित से जुड़ी हैं—
अपराध, अवैध खनन, पुलिस निष्क्रियता, लापता बच्ची का मामला, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर आक्रोश चरम पर है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल
24 घंटे बीत जाने के बाद भी कलेक्टर मिशा सिंह द्वारा सीधा हस्तक्षेप नहीं होना अब सवालों के घेरे में है।
लोग पूछ रहे हैं—जब जनता सड़क पर है, तो जिम्मेदार अधिकारी कहां हैं?
हालात और बिगड़ने के संकेत
यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन और उग्र हो सकता है, जिससे पूरे जिले में हालात बेकाबू होने की आशंका है।
अब निगाहें सिर्फ एक फैसले पर टिकी हैं—
क्या प्रशासन आगे बढ़कर संवाद करेगा या यह जाम और आक्रोश और लंबा चलेगा?