रतलाम / सैलाना
देशभर में गौवंश की सेवा, सुरक्षा और सम्मान को लेकर चलाए जा रहे गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत रतलाम जिले की रावटी, बाजना और सैलाना तहसीलों में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में साधु-संतों, गौसेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर गौमाता की रक्षा और सम्मान के लिए जनजागरण का संकल्प लिया।
बैठक में महामण्डलेश्वर आनंदगिरी जी महाराज और राष्ट्रीय गौ-संत गोविन्दाचार्य जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अभियान के उद्देश्य और आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में गौमाता का स्थान अत्यंत पवित्र और सम्माननीय रहा है।
गौवंश की रक्षा केवल आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और पर्यावरण से भी जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण मुद्दा है।
उन्होंने कहा कि गौ सम्मान आह्वान अभियान का मुख्य लक्ष्य गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना और पूरे देश में गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र सरकार से सख्त कानून बनवाने की मांग करना है। इसके लिए साधु-संतों के नेतृत्व में देशभर में शांतिपूर्ण तरीके से जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि आगामी 27 अप्रैल को पूरे देश में गौ सम्मान दिवस मनाया जाएगा।
इस दिन तहसील स्तर पर भजन-कीर्तन, गौ पूजन, रैलियां और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के बाद महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से सौंपे जाएंगे।
बैठक के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने सभी गौभक्तों और समाज के लोगों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौवंश की रक्षा और सम्मान के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आकर अपनी भूमिका निभानी होगी।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गौसेवक, सामाजिक कार्यकर्ता और गौभक्त उपस्थित रहे तथा अभियान को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
रिपोर्टर - जितेंद्र कुमावत