रतलाम/ सैलाना
महालक्ष्मी गली स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर प्रांगण में शुक्रवार को दशा माता के पावन पर्व पर शीतला माता उत्सव समिति द्वारा पारंपरिक चूल उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धधकते अंगारों पर चलकर माता के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की।
आयोजन की तैयारियां समिति के सदस्यों द्वारा दिनभर की गई। शाम करीब 7 बजे कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जहां सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। चूल में शामिल होने से पहले श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान कर पूजा-अर्चना की और जल से भरे कलश में श्रीफल, चिरौंजी और अगरबत्ती अर्पित कर माता से सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद भक्तों ने जय माता दी के जयकारों के साथ धधकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर चूल पार की और सीधे मंदिर पहुंचकर माता शीतला के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस आयोजन में करीब 500 से 700 भक्तों ने चूल में चलकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। कार्यक्रम की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश अपने पुलिस दल के साथ पूरी तरह मुस्तैद रहीं, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के समापन पर समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। इस अवसर पर शीतला माता उत्सव समिति के अध्यक्ष राजेंद्र चण्डालिया सहित नाथूलाल राठौड़, वीरेंद्र त्रिवेदी, जानकीलाल राठौड़, जगदीश पांचाल, मदनलाल राठौड़, विनोद धभाई, सत्यनारायण सोनी, मांगीलाल गुर्जर, आशीष पाठक, देवीलाल राठौड़, सुनील राठौड़, मुकेश लोढ़ा, नरेंद्र भाटी, चेतन राठौड़, सुरेश राठौड़, संतोष शर्मा, नागेश्वर प्रजापत, अंकित धभाई, अक्षय कसेरा सहित समिति के कई सदस्य और श्रद्धालु मौजूद रहे।
वहीं शीतला माता उत्सव समिति ने सभी श्रद्धालुजनों, मातृशक्ति, नगर के गणमान्य नागरिकों तथा पुलिस प्रशासन द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मिले सहयोग के लिए हृदय से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। समिति ने कहा कि आप सभी के सहयोग, आस्था और सहभागिता से यह चूल उत्सव भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
रिपोर्टर - जितेंद्र कुमावत