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उपलब्ध संसाधनों का मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ और सुविधाएं उपलब्ध करवाने में उपयोेग करें - कलेक्टर डाॅ. मीना आगर-मालवा : जिला चिकित्सालय में उपलब्ध मानव एवं अन्य संसाधनों का उपयोग कर मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ एवं सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाए। यह निर्देश कलेक्टर डाॅ. शेर सिंह मीना ने सोमवार की शाम को जिला चिकित्सालय के आकस्मिक निरीक्षण करने के बाद आयोजित चिकित्सकों की बैठक में दिए। बैठक में एडीएम डाॅ. शालिनी श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. दिनेश देहलवार, सिविल सर्जन डाॅ. मनीष कुरील एवं अन्य शासकीय चिकित्सक उपस्थित थे। कलेक्टर डाॅ. मीना सोमवार की शाम 04ः00 बजे जिला चिकित्सालय पहुंचे, और लगभग डेढ़ घंटे तक जिला अस्पताल में रहकर ओपीडी पंजीयन केन्द्र, जन्म पंजीयन केन्द्र, प्रसूति वार्ड, पुरूष वार्ड, ब्लड बैंक सहित अन्य वार्डाें का निरीक्षण कर मरीजों से चर्चा की और जिला चिकित्सालय में मिल रही उपचार सुविधाओं, भोजन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने जन्म पंजीयन केन्द्र पर पंजीयन प्रमाण पत्र लेने आएं, मरीजों से भी चर्चा की। उन्होंने एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण कर भर्ती बच्चों के परिजनों से उपचार व्यवस्था के बारे मे चर्चा की। पुरूष वार्ड मे कलेक्टर ने गुराडिया के रामलाल एवं सेमली के बलराम से चर्चा कर जिला चिकित्सालय में मरीजों को मिल रही उपचार सुविधा एवं भोजन की गुणवत्ता के बारे में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने क्रीटीकल केयर ब्लाॅक (ट्राॅमा सेंटर) में ओपीडी पंजीयन, सीटी स्कैन, ब्लड बैंक का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने ब्लड बैंक में पंजी का अवलोकन किया और उपलब्ध ब्लड की जानकारी ली। इस निरीक्षण के पश्चात कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय में पदस्थ सभी चिकित्सकों की बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने राहवीर योजना एवं पीएम राहत योजना के तहत् अस्पताल आने वाले मरीजों का निर्धारित फार्म में तत्काल पंजीयन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं और साफ-सफाई व्यवस्था पर संतोष जताया। उन्होंने आगर में आयुष्मान इम्पैनल्ड अस्पतालों की संख्या, उनमें निर्धारित क्षमता के बारे में भी विस्तार से चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि यथासंभव जिला चिकित्सालय में उपचार के लिये आने वाले मरीजों को जिला चिकित्सालय में ही पर्याप्त उपचार सुविधा उपलब्ध हो, किसी भी मरीज को बगैर उचित कारण के रैफर नहीं किया जाए। चिकित्सकों ने मुख्य मार्ग से चिकित्सालय तक बंद स्ट्रीट लाईट चालू करवाने, जिला चिकित्सालय की 200 बैड की क्षमता को बढ़ाने तथा अतिरिक्त स्टाॅफ आवास निर्माण का सुझाव दिया। जिस पर कलेक्टर ने स्ट्रीट लाईट तत्काल नगर पालिका से ठीक कर चालू करवाने, स्टाॅफ आवास निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने एवं बेड की क्षमता बढ़ाने के लिये भी शासन स्तर पर प्रयास करने की बात कही। |