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देवदूत: रक्षाबंधन का पर्व छोड़ घायलों को बचाने अस्पताल दौड़े डॉ. इतेश व्यास, क्षेत्र में सराहना संयोग या अभिशाप इसी मोहल्ले में कुछ दिन पहले भी मकान ढहने से हुई थी मां-बेटे की मौत सिंगोली।जिस घर में बहनें भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने का इंतजार कर रही थीं, जहां त्योहार का उल्लास था, वहां पल भर में ऐसा सन्नाटा पसरा कि हर आंख छलक उठी। राजस्थान के बिजोलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कास्या चौकी के पास तिलस्वां घाट पर हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे सिंगोली नगर को झकझोर कर रख दिया है। बिजोलिया से अपनी मां को बाइक पर बिठाकर सिंगोली ला रहे मनीष जैन मोहिवाल और उनकी मां इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए। दोनों की एक साथ असमय मौत से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है। *कास्या चौकी के समीप काल बनकर आया अंधा मोड़* पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, मनीष जैन अपनी मां को रक्षाबंधन का पर्व मनाने के लिए बिजोलिया से सिंगोली लेकर आ रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक कास्या चौकी क्षेत्र के अंतर्गत तिलस्वां घाट के खतरनाक मोड़ों पर पहुंची, तभी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों लहूलुहान घायलों को तुरंत सिंगोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर हालत में कोटा रेफर किया गया। *लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था* ; कोटा अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मां-बेटे दोनों को मृत घोषित कर दिया। *दोपहर 12 बजे जब उठीं दो अर्थियां, दहल उठा हर दिल* शनिवार दोपहर ठीक 12:00 बजे जब मां-बेटे के सहनिवास से दोनों की अर्थियां एक साथ निकलीं, तो पूरे सिंगोली नगर की सांसें जैसे थम गईं। त्योहार के दिन एक ही घर से दो-दो शव उठते देख उपस्थित जनसैलाब खुद को रोक नहीं पाया और पूरा माहौल चीत्कारों से गूंज उठा। बाजार में शोक की लहर दौड़ गई और नम आंखों से पूरे नगर ने मां-बेटे को अंतिम विदाई दी। *फर्ज की बेमिसाल मिसाल: रक्षाबंधन छोड़ अस्पताल भागे डॉ. ईतेश व्यास* इस भीषण त्रासदी के बीच सिंगोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. इतेश व्यास ने मानवता और अपने पेशे के प्रति निष्ठा की अनूठी मिसाल पेश की। डॉ. व्यास अपने घर पर परिवार के साथ रक्षाबंधन मना रहे थे। जैसे ही उन्हें कास्या चौकी हादसे के गंभीर घायलों के अस्पताल आने की सूचना मिली, वे राखी का कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर तुरंत अस्पताल की ओर दौड़े। उन्होंने बिना एक पल गंवाए घायलों का उपचार शुरू किया और त्वरित निर्णय लेते हुए उन्हें कोटा रेफर करवाया। डॉ. व्यास की इस संवेदनशीलता और कर्तव्य परायणता की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। *मोहल्ले में दोबारा दोहराया वही खौफनाक मंजर* स्थानीय निवासियों के मुताबिक, इस मोहल्ले पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। नियति का यह कैसा क्रूर मजाक है कि अभी कुछ ही दिनों पहले इसी मोहल्ले में एक मकान ढहने से भी एक अन्य मां-बेटे की दर्दनाक मौत हुई थी। उस हादसे के जख्म अभी पूरी तरह भरे भी नहीं थे कि एक बार फिर उसी मोहल्ले से मां-बेटे की अर्थी एक साथ उठने से पूरा इलाका सहम गया है। रिपोर्ट : दिनेश जी जोशी |