रतलाम / सरवन । सरवन थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है जिसमें मोबाइल हैक कर एक दुकानदार के दो बैंक खातों से कुल 1 लाख 75 हजार रुपये की ऑनलाइन निकासी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर सरवन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुकेश पिता मूलचंद रायकवार उम्र 31 वर्ष निवासी शीतला माता मंदिर के पास बेडदा थाना सरवन जिला रतलाम ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह दुकानदारी का कार्य करता है। 4 जून 2026 को उसका मोबाइल हैक हो गया जिसके बाद उसके मोबाइल नंबर 9928404998 पर लगातार मैसेज आने लगे। कुछ ही देर में उसके बैंक खातों से बिना अनुमति के रकम कटने लगी।
पीड़ित ने बताया कि उसके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 25-25 हजार रुपये की चार ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 1 लाख रुपये निकाल लिए गए। वहीं बैंक ऑफ इंडिया खाते से 25-25 हजार रुपये की तीन ट्रांजैक्शन के जरिए 75 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस प्रकार दोनों खातों से कुल 1 लाख 75 हजार रुपये की साइबर ठगी हो गई।
घटना का पता चलते ही मुकेश ने दोनों बैंकों में पहुंचकर खातों का स्टेटमेंट निकलवाया जहां बैंक अधिकारियों ने बताया कि सभी ट्रांजैक्शन यूपीआई के माध्यम से किए गए हैं। इसके बाद उसने तत्काल अपने दोनों बैंक खाते फ्रीज करवाए और मोबाइल फोन को भी फॉर्मेट कर दिया। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई तथा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी शिकायत दर्ज करवाई। बाद में सरवन थाने पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दी।
सरवन थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले की तकनीकी जांच की जा रही है तथा साइबर विशेषज्ञों की सहायता से ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। जिन खातों और यूपीआई आईडी में राशि ट्रांसफर हुई है उनकी भी जांच की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें तथा ओटीपी पिन पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं और नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल से तत्काल संपर्क करें ताकि समय रहते कार्रवाई कर राशि को सुरक्षित कराया जा सके।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत