रतलाम। शहर के भविष्य को नई दिशा देने वाली रतलाम विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी नगर विकास योजना क्रमांक-02 को लेकर राज्य शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने विस्तृत समीक्षा करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। त्रिवेणी मेला स्थल के समीप विकसित की जा रही इस बहुप्रतीक्षित योजना को आधुनिक सुविधाओं से युक्त और अधिक जनोपयोगी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
मंत्री श्री काश्यप ने अपने कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में योजना के वास्तुविद एवं परामर्शदाता संस्था अर्बन लिंक्स, इंदौर के प्रबंध संचालक श्री मयंक जगवानी से योजना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से आवासीय एवं व्यावसायिक भूखंडों के साथ-साथ पार्क, सड़क, सार्वजनिक उपयोग की भूमि तथा अन्य जन सुविधाओं से जुड़े प्रावधानों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।
समीक्षा के दौरान मंत्री श्री काश्यप ने योजना के प्रारूप में मौजूद कमियों को चिन्हित करते हुए उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास योजना केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहे, बल्कि उसमें नागरिकों की आवश्यकताओं और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेहतर आधारभूत सुविधाओं का समावेश किया जाए, ताकि शहर के व्यवस्थित विस्तार का सपना साकार हो सके।
बैठक में महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, उपाध्यक्ष गोविंद काकानी एवं प्रवीण सोनी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय कुमार शर्मा सहित प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि लगभग 140.81 करोड़ रुपये की लागत से 70.128 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित नगर विकास योजना-02 का मानचित्र नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से स्वीकृत हो चुका है।
इस परियोजना के साकार होने से रतलाम में सुनियोजित शहरी विकास, आधुनिक आवासीय एवं व्यावसायिक सुविधाओं का विस्तार होगा और आने वाले वर्षों में शहर को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत