उज्जैन। विश्वभर में मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में रविवार सुबह आध्यात्म और स्वास्थ्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर स्थित शिखर दर्शन छत पर आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अधिकारियों, कर्मचारियों, योग प्रशिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ सहभागिता की।
भगवान महाकाल की पावन नगरी में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान अभ्यास से हुई। प्रतिभागियों ने एकाग्रता, मानसिक शांति और शारीरिक सुदृढ़ता के लिए निर्धारित योग क्रियाओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह संदेश दिया गया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली का आधार है।
योग प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को तनावमुक्त रखने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उपस्थित लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम के अंत में श्री महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक श्री मूलचंद जूनवाल ने योग प्रशिक्षकों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है और महाकाल की नगरी से दिया गया यह संदेश जन-जन तक पहुंचे, यही प्रयास है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर महाकाल की दिव्य छत्रछाया में आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें योग के माध्यम से स्वस्थ तन, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत