रतलाम । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डॉ. कैलास नाथ काटजू विधि महाविद्यालय, रतलाम में रविवार सुबह विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। प्रातः 7:30 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग को स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार बताया। सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से सभी प्रतिभागियों ने नियमित दिनचर्या में योग को शामिल करने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम के मुख्य सत्र का संचालन योग प्रशिक्षक एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. सोना नागर ने किया। उन्होंने उपस्थित जनों को विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास करवाते हुए उनके शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा को भी बढ़ाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. जितेंद्र शर्मा, विजय मुवेल और हरेंद्र प्रताप सिंह, व्याख्याता मीनाक्षी बार्लो, श्रीमती कोमल सिंह, श्रीमती रंजू शर्मा तथा स्वाति छापरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे और योगाभ्यास में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के गैर-शिक्षक स्टाफ से श्रीमती कमला पानोला, बंटू मेडा और रमेश सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। सामूहिक योग अभ्यास के दौरान पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
महाविद्यालय परिवार ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नियमित योगाभ्यास के माध्यम से निरोग और संतुलित जीवन का संदेश देना रहा। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा स्वस्थ, अनुशासित और योगमय जीवनशैली अपनाने के संकल्प के साथ किया गया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत