जिला पंचायत सदस्य एवं जिला योजना समिति सदस्य श्रीमती चम्पा चंदू मईड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दो महत्वपूर्ण ज्ञापन भेजकर प्रदेश के हजारों पेसा मोबिलाईजर्स और हाल ही में सड़क हादसे का शिकार हुए रोजगार सहायकों के परिवारों के लिए बड़ी मांगें उठाई हैं। उनके इन ज्ञापनों से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कर्मचारियों में नई उम्मीद जगी है।
पहले ज्ञापन में चम्पा मईड़ा ने पंचायत राज संचालनालय द्वारा 08 मई 2026 को जारी आदेश के तहत RGSA योजना समाप्त कर 5221 पेसा मोबिलाईजर्स की सेवामुक्ति पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से पेसा मोबिलाईजर्स आदिवासी क्षेत्रों में पेसा कानून और ग्राम सभाओं को मजबूत करने का कार्य कर रहे थे। अचानक सेवामुक्ति से हजारों परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं और ग्राम सभाओं का क्रियान्वयन भी प्रभावित होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि सेवामुक्ति आदेश तत्काल निरस्त कर नई नीति बनने तक सभी मोबिलाईजर्स की सेवाएं बहाल की जाएं।
वहीं दूसरे ज्ञापन में चम्पा मईड़ा ने देवास जिले के बैरागढ़ बायपास पर हुए भीषण सड़क हादसे में मृत 3 रोजगार सहायकों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। ज्ञापन के अनुसार दुर्घटना में ग्राम पंचायत करिया के लखन, ग्राम पंचायत कागसी के हुरजी तथा ग्राम पंचायत रामगढ़ के प्योलाल खराड़ी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 8 रोजगार सचिव गंभीर रूप से घायल हैं और अमलतास अस्पताल में उपचाररत हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सभी घायलों का निःशुल्क इलाज सुनिश्चित करने, मृतकों के आश्रितों को शासन के नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति देने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की। चम्पा मईड़ा ने कहा कि सरकार को जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान दोनों सुनिश्चित करना चाहिए।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत
देश : जिला पंचायत सदस्य मईड़ा ने मुख्यमंत्री को भेजे दो बड़े ज्ञापन, रोजगार सहायकों और पेसा मोबिलाईजर्स के मुद्दे पर उठाई जोरदार आवाज...
जिला पंचायत सदस्य एवं जिला योजना समिति सदस्य श्रीमती चम्पा चंदू मईड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दो महत्वपूर्ण ज्ञापन भेजकर प्रदेश के हजारों पेसा मोबिलाईजर्स और हाल ही में सड़क हादसे का शिकार हुए रोजगार सहायकों के परिवारों के लिए बड़ी मांगें उठाई हैं। उनके इन ज्ञापनों से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कर्मचारियों में नई उम्मीद जगी है।
पहले ज्ञापन में चम्पा मईड़ा ने पंचायत राज संचालनालय द्वारा 08 मई 2026 को जारी आदेश के तहत RGSA योजना समाप्त कर 5221 पेसा मोबिलाईजर्स की सेवामुक्ति पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से पेसा मोबिलाईजर्स आदिवासी क्षेत्रों में पेसा कानून और ग्राम सभाओं को मजबूत करने का कार्य कर रहे थे। अचानक सेवामुक्ति से हजारों परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं और ग्राम सभाओं का क्रियान्वयन भी प्रभावित होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि सेवामुक्ति आदेश तत्काल निरस्त कर नई नीति बनने तक सभी मोबिलाईजर्स की सेवाएं बहाल की जाएं।
वहीं दूसरे ज्ञापन में चम्पा मईड़ा ने देवास जिले के बैरागढ़ बायपास पर हुए भीषण सड़क हादसे में मृत 3 रोजगार सहायकों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। ज्ञापन के अनुसार दुर्घटना में ग्राम पंचायत करिया के लखन, ग्राम पंचायत कागसी के हुरजी तथा ग्राम पंचायत रामगढ़ के प्योलाल खराड़ी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 8 रोजगार सचिव गंभीर रूप से घायल हैं और अमलतास अस्पताल में उपचाररत हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सभी घायलों का निःशुल्क इलाज सुनिश्चित करने, मृतकों के आश्रितों को शासन के नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति देने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की। चम्पा मईड़ा ने कहा कि सरकार को जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान दोनों सुनिश्चित करना चाहिए।