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नीमच। ट्रक में सब्जियों के कट्टों के नीचे छिपाकर 21 क्विंटल से अधिक अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा की तस्करी करने वाले दो आरोपियों को नीमच के विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने 14-14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों पर 2-2 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) जिला नीमच श्री जितेन्द्र कुमार बाजोलिया ने आरोपी मोतीलाल पिता नाथुलाल भील (28 वर्ष), निवासी ग्राम दांता, तहसील कपासन, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) तथा बोथमल पिता हीरालाल जाट (36 वर्ष), निवासी ग्राम करूकड़ा, तहसील कपासन, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15(सी) के तहत दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया था ट्रक अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एवं एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि 20 मार्च 2023 को कार्यालय उप नारकोटिक्स आयुक्त, नीमच में मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रक में करीब 20 से 25 क्विंटल अवैध डोडाचूरा झारखंड से जयपुर-आगरा हाईवे के रास्ते जयपुर (राजस्थान) ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर निवारक दल का गठन कर सिकंदरा टोल प्लाजा पर तैनात किया गया। रात करीब 9:45 बजे मुखबिर के बताए हुलिए का ट्रक वहां पहुंचा, जिसे रोककर तलाशी ली गई। ट्रक में गोभी और गाजर के कट्टों के नीचे छिपाकर रखे गए 100 कट्टों से कुल 2168 किलो 600 ग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद हुआ। सुरक्षा की दृष्टि से ट्रक को मध्यप्रदेश इकाई के निकटतम कार्यालय नीमच लाया गया, जहां विस्तृत तलाशी के बाद डोडाचूरा और ट्रक जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आवश्यक अनुसंधान पूरा करने के बाद प्रकरण विशेष न्यायालय, नीमच में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन ने अपराध को संदेह से परे साबित किया विचारण के दौरान केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) के विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील ऐरन ने महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराए और आरोपियों द्वारा अवैध मादक पदार्थ की अंतरराज्यीय तस्करी किए जाने का अपराध संदेह से परे प्रमाणित किया। अभियोजन की ओर से आरोपियों को कठोर दंड देने का निवेदन किया गया। प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर विशेष न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 14-14 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 2-2 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील ऐरन ने की। |