रतलाम / सैलाना। मध्यप्रदेश पटवारी संघ की प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल के बीच अब सियासी हलचल भी तेज हो गई है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर पटवारियों की 5 सूत्रीय मांगों का शीघ्र निराकरण करने तथा प्रदेशभर में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल तत्काल समाप्त कराने की मांग की है। विधायक के इस कदम को राजस्व व्यवस्था और आमजन की समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 3 अगस्त 2026 से मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के पटवारी अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर हैं। इसी क्रम में रतलाम जिले की सैलाना तहसील के समस्त पटवारियों ने भी अपने शासकीय अभिलेख एवं राजस्व रिकॉर्ड तहसील कार्यालय में जमा कर नियमित राजस्व कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है।
पत्र में विधायक ने कहा कि पटवारी राजस्व प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके हड़ताल पर रहने से नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फसल गिरदावरी, भू-अभिलेख संधारण, नक्शा सुधार, ऋण पुस्तिका, भूमि संबंधी प्रमाण-पत्र सहित अनेक आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसका सीधा असर किसानों, ग्रामीणों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों पर पड़ रहा है, जिन्हें अपने जरूरी कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
विधायक डोडियार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पटवारी संघ पूर्व में भी कई बार शासन को ज्ञापन देकर अपनी मांगों के समाधान का आग्रह कर चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं होने के कारण कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इससे केवल कर्मचारियों की समस्याएं ही नहीं बढ़ रही हैं, बल्कि प्रशासनिक कार्य भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
अपने पत्र में विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र सकारात्मक चर्चा कर उनकी लंबित 5 सूत्रीय मांगों का न्यायोचित एवं तत्काल निराकरण किया जाए, ताकि प्रदेशभर में चल रही हड़ताल समाप्त हो सके और राजस्व संबंधी सभी शासकीय कार्य पुनः सुचारु रूप से शुरू हो सकें। साथ ही उन्होंने इस संबंध में तत्काल आवश्यक आदेश जारी करने और की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराने का भी अनुरोध किया है।
पटवारियों की हड़ताल के बीच विधायक कमलेश्वर डोडियार का यह पत्र राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार पटवारी संघ के साथ कब वार्ता करती है और लंबित मांगों पर क्या निर्णय लेती है। फिलहाल प्रदेश सहित रतलाम जिले की सैलाना तहसील में राजस्व सेवाएं प्रभावित हैं और आमजन को राहत मिलने की उम्मीद सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत