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3 बीघा में तैयार अमेरिकन मक्का की फसल दो-तीन दिन में चौपट, पपीता सहित अन्य फसलें भी निशाने पर; किसान बोले—मुआवजा और बीमा राशि दिलाए सरकार--- चीताखेड़ा, 4 अगस्त। कराड़िया महाराज क्षेत्र में इन दिनों जंगली सुअरों और रोजड़ों का आतंक किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। झुंड के झुंड खेतों में घुसकर मक्का, पपीता सहित खरीफ सीजन की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों का कहना है कि खून-पसीने की कमाई और महीनों की मेहनत कुछ ही दिनों में बर्बाद हो रही है। लगातार हो रहे नुकसान से किसान आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं तथा शासन-प्रशासन से मुआवजा और फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग कर रहे हैं। कराड़िया महाराज निवासी किसान अंबालाल पिता पन्ना लाल पाटीदार ने बताया कि उन्होंने 3 बीघा खेत में करीब 20 हजार रुपये की लागत से 8 किलो अमेरिकन मक्का का बीज बोया था। इसके बाद डीएपी, यूरिया, कीटनाशकों और अन्य कृषि कार्यों पर कुल मिलाकर लगभग 50 हजार रुपये खर्च किए। फसल पूरी तरह तैयार होने ही वाली थी कि मात्र दो-तीन दिनों में जंगली सुअरों ने पूरी फसल चौपट कर दी। खेत की सुरक्षा के लिए लोहे की जाली लगाने और कई तरह के उपाय करने के बावजूद सुअर खेत में घुस आए और फसल नष्ट कर दी। वहीं किसान देवकन्या बाई पाटीदार ने बताया कि उनके 2 बीघा खेत में हाईब्रिड पपीते की फसल लगी है। सुरक्षा के लिए लोहे की जाली और तार फेंसिंग करने के बावजूद सुअरों के झुंड लगातार फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्हें भगाने जाने पर सुअर हमला करने के लिए दौड़ पड़ते हैं, जिससे खेतों की रखवाली करना भी जोखिम भरा हो गया है। फसल बचाने के लिए किसानों को रातभर खेतों पर जागकर निगरानी करनी पड़ रही है। इसी तरह चीताखेड़ा के किसान गोपाल जावरिया ने बताया कि उनकी ढाई बीघा मक्का की फसल भी पकने की स्थिति में है, लेकिन जंगली सुअरों के झुंड लगातार खेतों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। क्षेत्र के किसानों ने वन विभाग और प्रशासन से जंगली जानवरों के आतंक पर प्रभावी नियंत्रण, फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा तथा बीमा कंपनियों से शीघ्र बीमा राशि दिलाने की मांग की है। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |