रतलाम
नगर निगम रतलाम के वार्ड क्रमांक 42 के पार्षद हितेश कामरेड ने नगर निगम आयुक्त को आवेदन सौंपकर नगर सुधार न्यास की योजना क्रमांक 44, काटजू नगर स्थित भूखंड क्रमांक 124 एवं 125 पर संचालित शाह नर्सिंग होम के संबंध में गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि आवासीय उपयोग के लिए आवंटित संपत्तियों का नियमों के विपरीत व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है तथा इस मामले में हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
पार्षद हितेश कामरेड के अनुसार उक्त भूमि एवं फ्लैट्स मूल रूप से मध्यम वर्गीय परिवारों को आवासीय उपयोग के लिए नगर सुधार न्यास द्वारा बाजार मूल्य से लगभग 30 प्रतिशत दर पर, यानी करीब 70 प्रतिशत रियायती दर पर लीज पर आवंटित किए गए थे। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान में इन संपत्तियों का उपयोग नर्सिंग होम के संचालन के लिए किया जा रहा है, जो आवंटन की मूल शर्तों और नियमों के विपरीत बताया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों का उल्लंघन करते हुए परिसर में लगभग 14 फ्लैट्स की खरीद की गई है, जिनमें से 11 से 12 फ्लैट्स का नामांतरण (म्यूटेशन) भी कराया जा चुका है। पार्षद का कहना है कि पूरे मामले में नामांतरण प्रक्रिया और उपयोग परिवर्तन को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं तथा इसकी गहन जांच आवश्यक है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आवासीय भूखंडों एवं फ्लैट्स का व्यावसायिक उपयोग किए जाने से नगर निगम को राजस्व की हानि हो सकती है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि नर्सिंग होम संचालन के लिए आवश्यक अनुमतियां और वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया है या नहीं।
पार्षद ने निगम आयुक्त से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमों के विरुद्ध हुए नामांतरण एवं अन्य प्रक्रियाओं की समीक्षा की जाए। यदि किसी प्रकार का नियम उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित पक्षों के विरुद्ध वैधानिक कदम उठाए जाएं।
मामला सामने आने के बाद शहर में आवासीय परिसरों के व्यावसायिक उपयोग, भूमि आवंटन की शर्तों तथा नगर निगम की निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें निगम प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
रिपोर्टर : जितेन्द्र कुमावत