रतलाम/ शिवगढ़ । रतलाम जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज हो रहा है। सरवन थाना क्षेत्र के उण्डेर में कार्रवाई के बाद अब शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम जाम्बुकुड़ी में गांजे की अवैध खेती का खुलासा हुआ है। आईपीएस एसडीओपी सैलाना लेखराज मीणा के नेतृत्व में शिवगढ़ पुलिस ने खेत में दबिश देकर गांजे के 127 हरे पौधे जब्त किए। इनका कुल वजन 17.025 किलोग्राम और अनुमानित कीमत लगभग 1.50 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
एक के बाद एक सामने आ रही इन कार्रवाइयों से अवैध नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के बीच पुलिस की सख्ती का संदेश गया है। जाम्बुकुड़ी में मक्का और कपास की फसल के बीच गांजे के पौधे उगाए जा रहे थे। मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घेराबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया।
एसपी अमित कुमार के निर्देशन में कार्रवाई
रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर राकेश पन्द्रो तथा एसडीओपी रतलाम ग्रामीण किशोर पाटनवाला के मार्गदर्शन में एसडीओपी सैलाना आईपीएस लेखराज मीणा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
शिवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक लिलियन मालवीय की टीम ने 9 अक्टूबर को मिली मुखबिर की सूचना के आधार पर ग्राम जाम्बुकुड़ी में दबिश दी।
पुलिस को देखकर भागने लगे आरोपी, घेराबंदी कर पकड़ा
पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम जाम्बुकुड़ी निवासी प्रभुलाल पिता रखमा पारगी अपने खेत में अवैध रूप से गांजे के पौधे उगा रहा है। सूचना की तस्दीक के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो खेत में दो व्यक्ति काम करते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने पंचों और हमराह बल की सहायता से घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपियों की पहचान प्रभुलाल पिता रखमा पारगी, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम जाम्बुकुड़ी, थाना शिवगढ़, जिला रतलाम तथा प्रकाश पिता विश्राम देवधा, उम्र 29 वर्ष, निवासी मनासा, थाना शिवगढ़, जिला रतलाम, हाल मुकाम ग्राम जाम्बुकुड़ी के रूप में हुई।
मक्का-कपास की फसल के बीच मिले 127 पौधे
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे वाले खेत की तलाशी ली तो कपास और मक्का की फसल के बीच अलग-अलग स्थानों पर गांजे जैसे हरे पौधे उगे हुए मिले। पंचों की मौजूदगी में पौधों की पहचान और गिनती की गई। इस दौरान कुल 127 हरे पौधे बरामद हुए, जिनका वजन 17.025 किलोग्राम पाया गया। जब्त पौधों की अनुमानित कीमत लगभग 1,50,000 रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया है। मामले में गांजे की अवैध खेती से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में शिवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक लिलियन मालवीय, उपनिरीक्षक प्रतापसिंह भदोरिया, उपनिरीक्षक अजमेरसिंह भुरिया, प्रधान आरक्षक क्रमांक जितेन्द्रपालसिंह राठौर, प्रधान आरक्षक क्रमांक विक्रमसिंह घोसरे, प्रधान आरक्षक रघुवीर सिंह, आरक्षक क्रमांक अनिल सूर्यवंशी, आरक्षक क्रमांक मनीष खराड़ी, महिला आरक्षक क्रमांक सावित्री मकवाने तथा महिला आरक्षक क्रमांक रेणु डावर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उण्डेर के बाद जाम्बुकुड़ी की कार्रवाई से फिर चर्चा में आईपीएस लेखराज मीणा
सरवन थाना क्षेत्र के उण्डेर में कार्रवाई के बाद शिवगढ़ के जाम्बुकुड़ी में गांजे की अवैध खेती का खुलासा पुलिस के लिए एक और महत्वपूर्ण सफलता है। खेतों में सामान्य फसलों के बीच गांजे के पौधे उगाए जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि अवैध खेती कब से की जा रही थी और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।
रतलाम पुलिस की इस कार्रवाई में 127 पौधों की जब्ती और दो आरोपियों की गिरफ्तारी अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत