रतलाम / सैलाना। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सैलाना के कन्या छात्रावास में कक्षा 12वीं की छात्रा वर्षा पिता टीकाराम सोलंकी की 15 सितंबर 2026 को हुई मृत्यु के मामले ने अब प्रशासनिक जांच का गंभीर रूप ले लिया है। घटना के बाद विद्यार्थियों के विरोध, धरने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं।
कलेक्टर के आदेश के अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 196 के तहत मजिस्ट्रियल जांच संस्थित की गई है। जांच की जिम्मेदारी अनुविभागीय दंडाधिकारी सैलाना सुनील जायसवाल को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर 15 दिवस के भीतर स्पष्ट अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
घटना के बाद उठे थे कई सवाल
15 सितंबर को छात्रा की मौत की खबर सामने आने के बाद एकलव्य परिसर में तनाव की स्थिति बन गई थी। छात्रा की मौत से पहले परीक्षा के दौरान उसके पास कथित रूप से नकल की पर्ची मिलने और इसके बाद उसे परीक्षा कक्ष से बाहर किए जाने की बात सामने आई थी। कुछ समय बाद छात्रा के हॉस्टल स्थित कमरे में फंदे पर लटके मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की थी और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया था।
घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। विद्यार्थियों ने विद्यालय प्रबंधन से जुड़े कुछ जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई और मृतका के परिजनों को सहायता देने की मांग उठाई थी। विरोध के दौरान सैलाना-रतलाम मुख्य मार्ग पर भी स्थिति प्रभावित हुई थी। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विद्यार्थियों से बातचीत की थी।
अब जांच में सामने आएगा घटनाक्रम का पूरा सच
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश के बाद अब घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं की प्रशासनिक स्तर पर पड़ताल होगी। छात्रा की परीक्षा के दौरान हुई कार्रवाई, परीक्षा कक्ष से उसके बाहर आने के बाद की परिस्थितियां, हॉस्टल में निगरानी व्यवस्था, संबंधित कर्मचारियों की भूमिका, घटना के समय मौजूद लोगों की जानकारी तथा घटना के बाद कानून-व्यवस्था प्रभावित होने तक के पूरे घटनाक्रम की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि छात्रा की मृत्यु के वास्तविक कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। मजिस्ट्रियल जांच का उद्देश्य घटनाक्रम के तथ्यों को सामने लाना और जिम्मेदारियों का निर्धारण करने में प्रशासन को स्पष्ट आधार उपलब्ध कराना होगा।
पहले से उठती रही हैं छात्रावास व्यवस्था पर आवाजें
एकलव्य विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं की समस्याओं को लेकर पूर्व में भी विरोध सामने आता रहा है। विद्यार्थियों ने भोजन, ट्रैक सूट और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर धरना दिया था। ऐसे में छात्रा की मौत के बाद शुरू हुई जांच अब केवल घटना के तत्काल कारणों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवासीय विद्यालय की व्यवस्था और विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं निगरानी से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान जाना स्वाभाविक है।
अब निगाहें एसडीएम सुनील जायसवाल की 15 दिन में प्रस्तुत होने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। प्रशासनिक जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, किन परिस्थितियों को जिम्मेदार माना जाता है और आगे क्या कार्रवाई की सिफारिश होती है, यह रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल कलेक्टर के आदेश से यह साफ है कि छात्रा की मौत को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और मामले की तह तक पहुंचने के लिए औपचारिक मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत