रतलाम । गौ माता की सेवा, संरक्षण और सनातन संस्कृति के संवर्धन के उद्देश्य से रतलाम शहर में 20 से 26 जुलाई तक भव्य गो कथा एवं गो दिव्य दरबार का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। वर्षा ऋतु ध्यान में रखते हुए कथा स्थल पर विशाल वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किया जा रहा है, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
आयोजन समिति के अनुसार, कथा का शुभारंभ 20 जुलाई को विशाल कलश यात्रा के साथ होगा। यह यात्रा बड़ा गोपाल जी मंदिर से प्रारंभ होकर घास बाजार, साय चबूतरा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अमर वाटिका, पटेल साहब की बगीची, नाहर कॉन्वेंट स्कूल के पीछे, रविदास चौराहा स्थित कथा स्थल तक पहुंचेगी। इस दौरान परम पूज्य गो क्रांतिकारी संत स्वामी गोशरणानंद सरस्वती जी महाराज बग्गी में सवार होकर नगरवासियों को आशीर्वाद देंगे। कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं, मातृशक्ति एवं युवाओं के शामिल होने की संभावना है।
प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक पूज्य संत श्री के श्रीमुख से संगीतमय गो कथा का रसपान कराया जाएगा। कथा के माध्यम से गौ सेवा, गौ संरक्षण, भारतीय संस्कृति तथा सनातन जीवन मूल्यों का संदेश समाज तक पहुंचाया जाएगा। आयोजन समिति ने बताया कि कथा एवं कलश यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन प्रसादी (भंडारे) की व्यवस्था भी की गई है।
समिति का कहना है कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं का आधार है। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में गौ रक्षा के प्रति जनजागरण करना तथा नई पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना है।
कार्यक्रम के समापन के बाद 27 जुलाई को सैकड़ों गौ भक्त जिला प्रशासन के माध्यम से गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। आयोजन समिति ने शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के सभी सनातन धर्मावलंबियों, गौ भक्तों, मातृशक्ति और युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
अधिक जानकारी के लिए समिति द्वारा 98934 21634, 98270 73518 एवं 91797 60204 पर संपर्क करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
रिपोर्ट भरत शर्मा ( रतलाम )
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत