रतलाम। डॉ. कैलासनाथ काटजू विधि महाविद्यालय, रतलाम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) विषय पर एक दिवसीय व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय तथा रतलाम एजुकेशनल सोसायटी के सचिव डॉ. संजय वाते ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अवधारणा, विकास, उपयोगिता, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से AI की तकनीकी यात्रा और उसके सामाजिक प्रभावों पर प्रकाश डाला।
डॉ. वाते ने कहा कि आज के डिजिटल युग में डेटा सबसे बड़ी शक्ति बन चुका है और मशीन लर्निंग सिस्टम ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का आधार है। उन्होंने बताया कि AI की औपचारिक शुरुआत वर्ष 1956 में हुई, 1980 के दशक में विशेषज्ञ प्रणालियों का विकास हुआ, 2012 में डीप लर्निंग क्रांति आई और 2020 के बाद जनरेटिव AI का युग शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि यदि AI का उपयोग जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ किया जाए तो यह मानव विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
व्याख्यान के दौरान उन्होंने शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, अनुसंधान और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में AI के बढ़ते उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा में 24 घंटे उपलब्ध डिजिटल ट्यूटर, भाषा अनुवाद और व्यक्तिगत शिक्षण प्रणाली छात्रों के लिए नई संभावनाएं खोल रही हैं। वहीं चिकित्सा क्षेत्र में प्रारंभिक रोग पहचान, नई दवाओं की खोज और रोबोटिक सर्जरी जैसी तकनीकों ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया है। व्यापार जगत में AI स्वचालन, धोखाधड़ी की पहचान और पूर्वानुमान आधारित विश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
हालांकि डॉ. वाते ने AI के दुष्प्रभावों को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डीपफेक, फर्जी समाचार, निजता पर खतरा, डेटा सुरक्षा और राजनीतिक दुरुपयोग जैसी चुनौतियां आज पूरे विश्व के सामने हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या भविष्य में मशीनें नैतिक निर्णय लेने में सक्षम होंगी और स्वायत्त हथियारों पर वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. वाते ने जिज्ञासाओं का विस्तार से समाधान किया। कार्यक्रम का स्वागत भाषण महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनुराधा तिवारी ने दिया। संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. सोना नगर ने किया तथा आभार प्रदर्शन व्याख्याता श्रीमती रंजू शर्मा ने व्यक्त किया।
व्याख्यानमाला में महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ के साथ बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को AI के अवसरों और चुनौतियों दोनों के प्रति जागरूक करते हुए भविष्य की तकनीकों को समझने का प्रभावी मंच प्रदान किया।
रिपोर्ट भरत शर्मा ( रतलाम )
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत