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नीमच। जिला न्यायालय नीमच ने लाइनमैन बनकर घर में घुसकर सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने वाले दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुश्री राजेश्वरी जर्मन ने अपने निर्णय में आरोपी गोविंद सिंह पिता नंदलाल बावरी, उम्र 44 वर्ष एवं पेमा उर्फ प्रेमचंद्र पिता नंदलाल बावरी, उम्र 36 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम धामनिया, जिला नीमच को भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 380 एवं 454 के तहत दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओ श्री राजेन्द्र नायक ने बताया कि यह मामला 19 अक्टूबर 2016 का है। फरियादी घनश्याम सिंह ने थाना पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि घटना के समय परिवार के सभी सदस्य खेत पर काम करने गए थे और घर पर केवल उनके वृद्ध पिता मांगीलाल मौजूद थे। इसी दौरान दोनों आरोपी स्वयं को बिजली विभाग का लाइनमैन बताकर घर पहुंचे और टीवी, फ्रिज तथा पंखों की जांच करने की बात कही। मांगीलाल ने घर की चाबी नहीं होने की बात कही, लेकिन आरोपियों की नजर आलिये में रखी चाबी पर पड़ गई। दोनों ने चाबी से ताला खोलकर घर में प्रवेश किया, अलमारी का ताला तोड़ा और ड्रम में रखे सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर फरार हो गए। कुछ देर बाद फरियादी का पुत्र अनिल घर पहुंचा तो चोरी का पता चला। इसके बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विवेचना के दौरान तत्कालीन एएसआई चैनसिंह सौलंकी ने संदेह के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए। आवश्यक विवेचना पूरी कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने फरियादी, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों तथा विवेचक सहित सभी महत्वपूर्ण साक्षियों के बयान प्रस्तुत कर आरोपों को संदेह से परे सिद्ध किया। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से प्रभावी पैरवी एडीपीओ श्री राजेन्द्र नायक द्वारा की गई। |