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नीमच। न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करना एक आरोपी को महंगा पड़ गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नीमच सुश्री राजेश्वरी जर्मन ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने वाले आरोपी गंगाराम पिता भगवानलाल मीणा, उम्र 60 वर्ष, निवासी ग्राम नरसिंहपुरा, जिला नीमच को धारा 406 भारतीय दंड संहिता, 1860 के तहत 1 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओ श्री राजेन्द्र नायक ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध एक वसूली संबंधी प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था। इस मामले में 26,634 रुपये की वसूली के लिए कुर्की वारंट जारी किया गया था। न्यायालय का कर्मचारी जब वसूली के लिए आरोपी के गांव पहुंचा तो आरोपी ने राशि का भुगतान करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसकी मोटरसाइकिल जब्त कर उसे इस शर्त पर सुपुर्द की गई कि न्यायालय के आदेश पर वह वाहन को न्यायालय में प्रस्तुत करेगा। बाद में न्यायालय द्वारा बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद आरोपी ने मोटरसाइकिल न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की। इसे न्यायालय के आदेश की अवहेलना मानते हुए आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया। विवेचना पूर्ण होने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने फरियादी, न्यायालय के कर्मचारी तथा विवेचक सहित सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर आरोपी का अपराध संदेह से परे सिद्ध किया। अभियोजन द्वारा कठोर दंड की मांग किए जाने पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। प्रकरण में शासन की ओर से प्रभावी पैरवी एडीपीओ श्री राजेन्द्र नायक ने की। |