रतलाम
मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति लगातार जनसहभागिता के माध्यम से सुझाव एकत्रित कर रही है। इसी क्रम में गुरुवार को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने यूसीसी से जुड़े सामाजिक, पारिवारिक और विधिक पहलुओं पर अपने विचार रखे।
बैठक में समिति की सदस्य शोभा पैठनकर और डॉ. गोपाल शर्मा ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, कानूनविदों, शिक्षाविदों, धर्मगुरुओं, शांति समिति, रेडक्रॉस सोसायटी तथा मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे ucc.mp.gov.in पोर्टल पर अपने सुझाव दर्ज कर प्रदेश में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के स्वरूप को अधिक प्रभावी बनाने में भागीदार बनें।
समिति सदस्य शोभा पैठनकर ने कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि समिति प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रही है और समाज के सभी वर्गों से प्राप्त सुझावों के आधार पर यूसीसी का प्रारूप तैयार किया जाएगा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों से गांव-गांव में इस विषय पर चर्चा कर अधिक से अधिक लोगों को सुझाव देने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
बैठक में विधायक डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, विधायक मथुरालाल डामर, जिला पंचायत अध्यक्ष लालाबाई चंद्रवंशी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, आरडीए उपाध्यक्ष प्रवीण सोनी, पूर्व महापौर शैलेन्द्र डागा, कलेक्टर मिशा सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। समापन अवसर पर एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।
माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार यूसीसी के संबंध में व्यापक जनमत तैयार करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित कर रही है, ताकि नागरिकों के सुझावों और अनुभवों के आधार पर एक संतुलित एवं सर्वसमावेशी प्रस्ताव तैयार किया जा सके।
रिपोर्टर : जितेन्द्र कुमावत