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नीमच : लेखा प्रशिक्षण शाला उज्जैन में एक अप्रेल से 30 जून 2026 तक लेखा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जा रहा हैं। इस प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न कार्यालयों में पदस्थ अप्रशिक्षित लिपिकवर्गीय कर्मचारियों के हस्तलिखित आवेदन निर्धारित प्रारूप में संबंधित कार्यालय प्रमुख की अनुशंसा के साथ सीधे प्राचार्य, लेखा प्रशिक्षण शाला, उज्जैन, रघुवंशम भवत इस्कॉन मंदिर के पास भरतपुरी, उज्जैन (म.प्र.) को प्रेषित करने के निर्देश दिए गऐ है। सत्र के प्रत्येक दिन शासकीय कार्य की अवधि अनुसार (प्रातः 10 सांय 6) अध्ययन, अध्यापन कार्य होगा। शासकीय कर्मचारी, जिन्होंने सी.पी.सी.टी. (CPCT) परीक्षा उत्तीर्ण की है अथवा सीधी भर्ती, पदोन्नत पदों में शासन निर्देशानुसार छूट है, वे ही शासकीय सेवक प्रशिक्षण में सम्मिलित होने के पात्र होंगे, कर्मचारी का पासपोर्ट साईज़ का फोटो आवेदन पत्र पर चस्पा कर कार्यालय प्रमुख द्वारा अभिप्रमाणित किया जाकर आवेदनअनुशंसा सहित अग्रेषित किया जाए। लेखा प्रशिक्षण शाला में प्रवेश हेतु शासकीय कर्मचारी की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होना अनिवार्य है। परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के आदेश की छायाप्रति आवेदन के साथ संलग्न करना अनिवार्य है। वित्त विभाग के सेवारत समस्त तृतीय श्रेणी लिपिक वर्गीय शासकीय सेवक जिन्होने लेखा प्रशिक्षण परीक्षा उर्त्तीण नहीं की है। उन्हे नियमानुसार , पात्रता अनुसार आगामी 5 वर्षो अथवा सेवा निवृत्ति की तिथि जो पहले हो, लेखा प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा। लेखा प्रशिक्षण शाला में प्रवेश 'पहले आओं, पहले पाओं' के आधार पर दिया जायेगा। लेखा प्रशिक्षण शाला में प्रवेश हेतु स्पष्टीकरण, नियमों की व्याख्या का अधिकार आयुक्त, कोष एवं लेखा का होगा। म.प्र.शासन वित्त विभाग के निर्देशानुसार स्थानीय निकाय, अर्द्धशासकीय, संस्थाओं के लिपिक वर्गीय कर्मचारी जिनकी परिवीक्षा अवधि पूर्ण हो चुकी है, वे भी लेखा प्रशिक्षण शाला में प्रवेश हेतु पात्र होंगे बशर्ते ऐसे कर्मचारियों को म.प्र.शासन द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण शुल्क 5 हजार रूपये का चालान (लेखा शीर्ष 0070-60-800-000 अन्य प्राप्तीयां) सत्र में प्रवेश होने पर अनिवार्य रूप से जमा कराना होगा। |