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नीमच। अभय प्रताप सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जिला नीमच ने फरियादी के साथ लकड़ी से मारपीट कर उसकी ऊंगली तोड़ने के मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 06-06 माह का कारावास एवं 1000-1000 रुपये अर्थदण्ड से दंडित किया है। दोषी ठहराए गए आरोपी हैं— 1. पदम् कुमार पिता रामेश्वर खण्डेलवाल (65 वर्ष), निवासी टीचर कॉलोनी, नीमच 2. लवश्री पिता पदम् कुमार खण्डेलवाल (36 वर्ष), निवासी टीचर कॉलोनी, नीमच 3. राहुल पिता ओमप्रकाश खण्डेलवाल (35 वर्ष), निवासी 14/4 विकास नगर, नीमच न्यायालय ने आरोपियों को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 325 के अंतर्गत दोषसिद्ध पाया। 8 वर्ष पुराने मामले में आया फैसला प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओ श्री राजेन्द्र नायक ने बताया कि घटना दिनांक 10 अप्रैल 2018 को दोपहर लगभग 4:30 बजे राधाकृष्ण मार्केट, एलआईसी रोड, नीमच में हुई थी। घटना के समय फरियादी रमेश पारिख अपनी दुकान के बाहर खड़े होकर नगर पालिका कर्मचारियों से अतिक्रमण हटाने संबंधी चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान आरोपियों को संदेह हुआ कि फरियादी उनके बारे में चर्चा कर रहा है। इसी बात पर तीनों आरोपियों ने एकमत होकर फरियादी के साथ विवाद शुरू कर दिया। बताया गया कि आरोपी राहुल ने लकड़ी के डंडे से फरियादी के सिर पर वार करने का प्रयास किया। बचाव में हाथ आगे करने पर फरियादी की ऊंगली में गंभीर चोट आई और फ्रैक्चर हो गया। मौके पर मौजूद महेश पाराशर सहित अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना नीमच केंट में मामला दर्ज कर जांच उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। साक्ष्यों के आधार पर सजा विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने फरियादी एवं चश्मदीद गवाहों सहित सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। अपराध को संदेह से परे सिद्ध पाए जाने पर माननीय न्यायालय ने तीनों आरोपियों को कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से प्रभावी पैरवी एडीपीओ श्री राजेन्द्र नायक द्वारा की गई। |