रतलाम। जिले में खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों को बड़ी राहत देते हुए कलेक्टर अजय कटेसरिया ने स्पष्ट किया है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और किसानों को इसे लेकर किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। कृषि एवं पशुपालन विभागों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने एक ओर खाद की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की, वहीं दूसरी ओर नरवाई जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देकर किसानों को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी याद दिलाई।
कलेक्टर कटेसरिया ने कहा कि फसल कटाई के दौरान हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) लगाना अनिवार्य रहेगा। यह सिस्टम फसल अवशेष और भूसे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर खेत में ही फैला देता है, जिससे नरवाई जलाने की जरूरत नहीं पड़ती और खेत की मिट्टी की उर्वरता भी बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि खेतों में नरवाई जलाने वालों के विरुद्ध धारा 163 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने के साथ पंचायत स्तर पर निगरानी एवं कार्रवाई दल गठित किए जाएंगे। नरवाई जलाने से फैलने वाले प्रदूषण को उन्होंने किसानों और आम नागरिकों दोनों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बताया।
सरसों, चना और मसूर के रकबे में बढ़ोतरी
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि जिले में सरसों, चना एवं मसूर की खेती के रकबे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कृषि क्षेत्र में बदलाव के साथ किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
कामधेनु योजना में लक्ष्य से पांच गुना से अधिक आवेदन
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना वर्ष 2026-27 में जिले को 32 इकाइयों का लक्ष्य मिला है, जबकि इसके मुकाबले पोर्टल पर 170 प्रकरण ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं। आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना में 27 हितग्राहियों के लक्ष्य के विरुद्ध 65 हितग्राहियों का चयन हुआ है। सभी 65 प्रकरण बैंकों को भेजे गए, जिनमें 10 स्वीकृत हुए और 10 हितग्राहियों को राशि वितरित की जा चुकी है।
गौशालाओं में 14 हजार 593 गौवंश
मुख्यमंत्री गौसेवा योजना के तहत मनरेगा मद से जिले में 25 गौशालाएं स्वीकृत हैं। इनमें 24 का निर्माण पूरा हो चुका है और एक निर्माणाधीन है। पूर्ण गौशालाओं में से 21 पंजीकृत हैं, जिनमें कुल 3,519 गौवंश हैं। इसके अलावा जिले की 34 अशासकीय पंजीकृत गौशालाओं में 33 क्रियाशील हैं तथा एक अक्रियाशील है। इनमें कुल 11,074 गौवंश मौजूद हैं।
पशुओं के टीकाकरण में 91.65 प्रतिशत उपलब्धि
NADCP के तहत एफएमडी टीकाकरण के आठवें चरण में जिले को 3 लाख 80 हजार 528 पशुओं का लक्ष्य दिया गया था। इसके विरुद्ध 3 लाख 48 हजार 748 पशुओं का टीकाकरण किया गया। जिले ने 91.65 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर राज्य स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त किया।
जिले में संचालित सात चलित पशु चिकित्सा इकाइयों को अब तक 7,380 केस प्राप्त हुए, जिनमें से 5,752 मामलों में पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। प्रत्येक वाहन द्वारा प्रतिदिन औसतन पांच केस अटेंड किए जा रहे हैं।
पशुपालन के लिए 6.35 करोड़ रुपये वितरित
पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड योजना में जिले को 3,600 आवेदनों का वार्षिक लक्ष्य मिला है। इसके विरुद्ध 3,053 आवेदन बैंकों को भेजे गए, जिनमें 2,308 स्वीकृत हुए। हितग्राहियों को कुल 6 करोड़ 35 लाख 49 हजार रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
वहीं क्षीर धारा योजना के प्रथम चरण में चयनित 108 गांवों में 22,858 सर्वे के लक्ष्य के विरुद्ध 16,995 सर्वे पूरे हो चुके हैं। दूसरे चरण में 121 गांव चयनित किए गए हैं। राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम में अप्रैल से सितंबर 2026 तक 32,142 कृत्रिम गर्भाधान किए गए तथा उपलब्धि 79 प्रतिशत रही।
बैठक में अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत सहित कृषि एवं पशुपालन विभाग से जुड़े संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत