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चीताखेड़ा । एक तरफ मेरा पति सरहद पर सीना ताने देश की रक्षा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ गांव में हम अपने ही हक की जमीन के लिए दबंगों के खौफ में जीने को मजबूर हैं। यह दर्दनाक दास्तां है मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी थाना क्षेत्र स्थित नैनौरा गांव की रहने वाली एक फौजी की पत्नी निर्मला बाई की। न्याय और सुरक्षा की आस में निर्मला बाई ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने एसपी को आवेदन सौंपकर पुश्तैनी कृषि भूमि पर दबंगों द्वारा की जा रही गुंडागर्दी, रास्ता रोकने और जान से मारने की धमकियों से निजात दिलाने तथा वर्तमान में खेत में बोवनी के लिए पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। अदालत से जीत चुकी हैं हक, फिर भी दबंगों की मनमानी निर्मला बाई के अनुसार, उनके पति मोहनलाल (रैगर) भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं और देश सेवा के चलते लगातार बाहर तैनात रहते हैं। गांव में वह अपने बच्चों के साथ रहकर मजदूरी व खेती कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। गांव में उनके नाम खसरा नंबर 49/4=50, 54/1=60, 57/2/2=13 कुल 123 आरी (लगभग 5 बीघा) जमीन दर्ज है, जिस पर वे पिछले 25 वर्षों से काबिज हैं। नारायणगढ़ कोर्ट से कानूनी लड़ाई जीतने के बाद उन्हें इसका कब्जा मिला था और बाकायदा प्रशासनिक अधिकारियों (गिरदावर, आर.आई., पटवारी) की मौजूदगी में सीमांकन करवाकर जेसीबी से खाई भी खुदवाई गई थी। पुलिस के जाते ही फिर शुरू हो जाती है गुंडागर्दी पीड़िता का आरोप है कि 18 नवंबर 2025 को एसडीओपी व टीआई की मौजूदगी में राजीनामा होने के बावजूद गांव के दबंग—गोवर्धन लाल, देवीलाल, रामनिवास, कविता, सुगुना बाई और जानी बाई—लगातार उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और रास्ता रोकने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस के आते ही आरोपी मुकर जाते हैं, लेकिन पुलिस के हटते ही दोबारा जान से मारने की धमकी देने लगते हैं। इस विवाद और प्रताड़ना के चलते वे समय पर फसल नहीं बो पा रही हैं, जिससे हर साल लगभग दो लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। पति फिर ड्यूटी पर जाने वाले हैं, हमें कुछ हुआ तो जिम्मेदार होंगे आरोपी आवेदन में निर्मला बाई ने भावुक होते हुए लिखा कि उनके फौजी पति जल्द ही वापस ड्यूटी पर लौटने वाले हैं। पति के जाते ही दबंग फिर से उन पर हमला कर सकते हैं और खेत में बोवनी नहीं करने देंगे। गहरे सदमे और दहशत के साए में जी रही महिला ने गुहार लगाई है कि दबंगों पर महिला उत्पीड़न व जान से मारने की धमकी की धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें पुलिस सुरक्षा में बोवनी करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने स्पष्ट चेताया कि यदि भविष्य में उनके या उनके बच्चों के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो उसके जिम्मेदार नामजद आरोपी होंगे। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |