रतलाम / सैलाना । जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी के लिए बिजली की अनियमित आपूर्ति किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। कहीं निर्धारित समय पर बिजली नहीं मिल रही है, तो कहीं कम वोल्टेज और बार-बार होने वाली कटौती ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात यह हैं कि सिंचाई के लिए मोटर चालू करने के बाद कुछ ही देर में बिजली गुल हो जाती है। ऐसे में किसानों को खेतों से वापस कुएं और ट्यूबवेल तक पहुंचकर बार-बार मोटर चालू-बंद करनी पड़ती है। इस गंभीर समस्या को लेकर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए विद्युत व्यवस्था के स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
विधायक डोडियार ने 23 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, रतलाम को पत्र क्रमांक 688/VIP/2026 लिखकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य के लिए नियमित बिजली उपलब्ध कराने, कम वोल्टेज की समस्या दूर करने तथा बार-बार होने वाली बिजली कटौती और विद्युत फॉल्ट का स्थायी निराकरण करने की मांग की है।
15 से 20 मिनट में कटौती, सिंचाई का काम प्रभावित
विधायक ने पत्र में उल्लेख किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को निर्धारित समय पर नियमित विद्युत आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। बिजली मिलने के दौरान भी वोल्टेज इतना कम रहता है कि कुओं और ट्यूबवेल की मोटर ठीक से संचालित नहीं हो पाती। इससे मोटर खराब होने और किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर हर 15 से 20 मिनट में बिजली बंद होने की समस्या सामने आ रही है। इसके अलावा, कृषि कार्य के लिए बिजली मिलने के समय ही बार-बार फॉल्ट होने से आपूर्ति बाधित होती रहती है। समय पर फॉल्ट ठीक नहीं होने के कारण किसानों का कीमती समय बर्बाद होता है और सिंचाई का काम प्रभावित होता है।
खेत में सिंचाई छोड़ मोटर चालू करने लौटते हैं किसान
अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण किसानों की परेशानी केवल बिजली कटौती तक सीमित नहीं है। किसान कुएं या ट्यूबवेल की मोटर चालू कर खेत में सिंचाई के लिए जाते हैं, लेकिन कुछ ही समय बाद बिजली बंद हो जाने से उन्हें दोबारा मोटर चालू करने के लिए लौटना पड़ता है। इस तरह बार-बार आने-जाने में समय और श्रम दोनों बर्बाद होते हैं। खेती के दूसरे जरूरी काम भी प्रभावित होते हैं, जिससे किसानों को शारीरिक और मानसिक परेशानी उठानी पड़ती है।
फसलों की वृद्धि और उत्पादन पर पड़ सकता है असर
विधायक ने आगाह किया कि बिजली की अनियमित आपूर्ति और कम वोल्टेज के कारण किसान समय पर फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव फसलों की वृद्धि और उत्पादन पर पड़ने की आशंका है। यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी इसका असर पड़ सकता है।
स्थायी समाधान की मांग, प्रशासन से हस्तक्षेप की अपेक्षा
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य के लिए निर्धारित समय पर पर्याप्त व नियमित बिजली उपलब्ध कराने, कम वोल्टेज की समस्या दूर करने, बार-बार होने वाली कटौती पर रोक लगाने तथा विद्युत फॉल्ट का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका जोर इस बात पर है कि किसानों को बार-बार होने वाली परेशानी से राहत मिले और सिंचाई व्यवस्था सुचारु हो सके।
अब इस मामले में जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर किसानों की निगाहें टिकी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और पर्याप्त वोल्टेज वाली बिजली उपलब्ध कराना खेती-किसानी के लिए महत्वपूर्ण है। किसानों को राहत देने के लिए समस्या का तात्कालिक निराकरण ही नहीं, बल्कि स्थायी समाधान भी जरूरी है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत