रतलाम / कुआं झागर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के तहत कुआं झागर ग्राम पंचायत क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्र स्तर पर सम्मान समारोह एवं जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मातृ स्वास्थ्य, पोषण, महिला एवं बाल कल्याण तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया गया। आंगनवाड़ी केंद्रों को रंग-बिरंगी रंगोलियों से सजाया गया। साथ ही पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और गर्भवती महिलाओं के साथ स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी संवाद किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के योगदान को सराहते हुए उनका सम्मान किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती आशा गामड़, श्रीमती गंगा ओहरी, श्रीमती प्रेमलता निनामा तथा सहायिका श्रीमती संगीता सिगाड़ और श्रीमती सोहन मौर्य का सम्मान किया गया।
मातृ स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष जोर
कार्यक्रम में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य, संतुलित आहार, एनीमिया से बचाव, स्तनपान और शिशु देखभाल को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं गर्भावस्था और प्रसव के बाद आवश्यक परामर्श जैसी सेवाओं के महत्व पर चर्चा की गई। बच्चों को फल एवं मिठाई वितरित कर उनके पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
योजनाओं के लाभार्थियों की सफलता की कहानियों पर जोर
सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, टेक होम राशन, गर्म पका भोजन, सुकन्या समृद्धि योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के अनुभव सामने लाने पर जोर दिया गया। अभियान की निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार लाभार्थियों की सफलता की कहानियां तैयार कर योजनाओं से जीवन में आए बदलावों को सामने लाने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने की व्यवस्था की गई है।
जनभागीदारी से मजबूत होंगी आंगनवाड़ी सेवाएं
कार्यक्रम में कुआं झागर ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती चंदा किशन सिंगाड़, ग्राम पंचायत सचिव शंकरलाल मकवाना, सहायक सचिव पूजा पाटीदार, स्वास्थ्य विभाग की एएनएम ललिता डाबी, सीएचओ अजय गणावा तथा आशा कार्यकर्ता श्रीमती काली मौर्य उपस्थित रहीं। इस अवसर पर ग्राम के प्रमुख पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन भी मौजूद रहे।
सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण सेवाओं को प्रोत्साहित करना तथा ग्रामीण समुदाय की सहभागिता बढ़ाना है। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि हर आंगन सेवा, पोषण और सम्मान का केंद्र बने।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत