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रतनगढ़ क्षेत्र में संकटमोचक बनी वन विभाग की टीम, लगातार सफल रेस्क्यू से ग्रामीणों का बढ़ा भरोसा सिंगोली। रतनगढ़ वन परिक्षेत्र में जब भी कोई वन्यजीव आबादी क्षेत्र में घुसने या खेतों में अजगर अथवा तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलती है, तो ग्रामीणों की जुबान पर सबसे पहले डिप्टी रेंजर एवं परिक्षेत्र सहायक बाणदा बाबूलाल दायमा का नाम आता है। सोमवार को ग्राम आलोरी-गरवाड़ा में मक्के के खेत से करीब 8 फीट लंबे अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने के बाद एक बार फिर बाबूलाल दायमा और उनकी टीम की कार्यशैली की ग्रामीणों ने सराहना की। लगातार सफल रेस्क्यू अभियानों के चलते वन विभाग के प्रति ग्रामीणों का भरोसा मजबूत हुआ है। जान जोखिम में डालकर करते हैं वन्यजीवों का रेस्क्यू ग्रामीणों का कहना है कि बाबूलाल दायमा केवल अधिकारी के रूप में ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए सजग रक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। दिन हो या रात, वन्यजीव के आबादी क्षेत्र में आने की सूचना मिलते ही वे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू कर देते हैं। कुछ समय पूर्व ग्राम नारदा में घनी कंटीली झाड़ियों के बीच फंसे अजगर को सुरक्षित निकालने के लिए जेसीबी की मदद ली गई थी। इसके अलावा निमकाखेड़ा और अब आलोरी-गरवाड़ा में भी बड़े अजगरों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। इन अभियानों से जहां वन्यजीवों की सुरक्षित जान बच रही है, वहीं जंगल से सटे गांवों और खेतों में काम करने वाले किसानों के बीच भी सुरक्षा का भाव बढ़ा है। उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में हर चुनौती से निपटने को तैयार टीम वन्यजीव रेस्क्यू के इन अभियानों में वनमंडलाधिकारी डीएफओ नीमच एस.के. अटोदे, उपवनमंडलाधिकारी श्रीमती सरोज रोज तथा वन परिक्षेत्राधिकारी रतनगढ़ ओमप्रकाश बिड़ला के कुशल निर्देशन में बाबूलाल दायमा अपनी टीम के साथ लगातार सक्रिय हैं। रेस्क्यू अभियानों में वनरक्षक मदन धनगर, कालूसिंह निनामा, सुरक्षा श्रमिक दुलीचंद, घीसालाल तथा चालक बालकिशन भी सहयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बाबूलाल दायमा और उनकी टीम की तत्परता से वन्यजीवों को सुरक्षित बचाने के साथ ही ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति विश्वास भी बढ़ा है। रतनगढ़ क्षेत्र में लगातार हो रहे सफल रेस्क्यू अभियान वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखे जा रहे हैं। रिपोर्ट : दिनेश जी जोशी |