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कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक संपन्न नीमच । जिला पोषण समिति की बैठक कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री राजेश गुप्ता ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों की भर्ती, पोषण ट्रैकर पर आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन, 9वें राष्ट्रीय पोषण माह तथा आंगन मिलन सेवा अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री चंद्रा ने इन योजनाओं में शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। कलेक्टर श्री चंद्रा ने कहा कि जिले में कुपोषण की स्थिति में और सुधार के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। साथ ही नवाचार और जनसहयोग को भी बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने निम्न निर्देश दिए— · न्यूट्री बास्केट के प्रभाव का अध्ययन: जनसहयोग से कुपोषित बच्चों को दिए जा रहे न्यूट्री बास्केट से बच्चों के पोषण स्तर में आए बदलाव की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। · पौष्टिक गर्म पका भोजन: जिले के किसी एक आंगनवाड़ी केंद्र पर मैक्रो एवं माइक्रो न्यूट्रिएंट से भरपूर गुणवत्तापूर्ण गर्म पका भोजन देने की शुरुआत की जाए। एक माह बाद बच्चों में आए बदलाव की अन्य केंद्रों के बच्चों से तुलना कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। · न्यूट्री गार्डन: उप संचालक उद्यानिकी जिले के दो आंगनवाड़ी केंद्रों पर न्यूट्री गार्डन विकसित कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। · न्यूट्री बास्केट वितरण: आगामी माह में जनसहयोग से कम से कम 1200 न्यूट्री बास्केट कुपोषित बच्चों को उपलब्ध कराए जाएं। · सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान: आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेकर सहयोग करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाए। · स्व-सहायता समूहों से जोड़ना: एसएएम, एमएएम एवं एसयूडब्ल्यू श्रेणी के बच्चों की माताओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें आजीविका एवं पोषण संबंधी गतिविधियों से जोड़ा जा सके। · मंगल दिवस पर माताओं की सहभागिता: एसएएम, एमएएम एवं एसयूडब्ल्यू श्रेणी के बच्चों की माताओं को मंगल दिवस पर अनिवार्य रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों पर बुलाया जाए तथा बच्चों के उचित पोषण के संबंध में आवश्यक समझाइश दी जाए। · पोषण एवं ईसीसीई प्रशिक्षण: 1 से 5 अक्टूबर तक जिले की सभी पर्यवेक्षकों तथा 6 से 15 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण एवं ईसीसीई का प्रशिक्षण दिया जाए। · आधार फेस मैचिंग एवं एफआरएस से टीएचआर वितरण: पोषण ट्रैकर पर जिन बच्चों की आधार फेस मैचिंग बाकी है, उसे पूरा कराया जाए और एफआरएस के माध्यम से सभी पात्र बच्चों को टीएचआर का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाए। · आंगनवाड़ी भवनों की गुणवत्ता जांच: निर्माणाधीन नए आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्य की समय-समय पर गुणवत्ता जांच की जाए। किसी प्रकार की कमी मिलने पर तत्काल अवगत कराया जाए। · नमक एवं शक्कर का सीमित उपयोग: बच्चों के भोजन में नमक एवं शक्कर का उपयोग कम से कम करने के लिए अभिभावकों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूक किया जाए। · टीएचआर की समय पर आपूर्ति: आंगनवाड़ी केंद्रों पर टीएचआर समय पर नहीं पहुंचने पर जिला प्रबंधक,नागरिक आपूर्ति निगम को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी डीएम नान से समन्वय कर सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर टीएचआर समय पर पहुंचना सुनिश्चित करें। बैठक में एसडीएम मनासा श्रीमती मयूरी जोक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री प्रसाद, जिला आयुष अधिकारी, उप संचालक उद्यानिकी, समस्त परियोजना अधिकारी, जिले की सभी पर्यवेक्षक, जिला समन्वयक श्री नितेश दुबे, डीपीए श्री महेश कारपेंटर सहित महिला एवं बाल विकास विभाग का अमला उपस्थित रहा। |