रतलाम/सैलाना। सैलाना के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले रामद्वारा की भूमि पर कथित अवैध कब्जे और अतिक्रमण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। रामद्वारा की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रही रामद्वारा बचाओ समिति, सैलाना की शिकायत पर मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम में कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुए सैलाना तहसीलदार को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिकायत के अनुसार, कलेक्टर ने अगले 7 कार्यदिवसों के भीतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। इस निर्देश के बाद रामद्वारा की भूमि पर कथित अवैध कब्जे और दुकानों के निर्माण का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
पवित्र भूमि पर कब्जे और अवैध दुकानों का आरोप
रामद्वारा बचाओ समिति लंबे समय से धार्मिक स्थल की भूमि पर कथित अवैध कब्जे, अवैध दुकानों, फर्जी रजिस्ट्री और धार्मिक स्थल के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रही है। समिति का कहना है कि रामद्वारा की पवित्र भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर उसकी धार्मिक गरिमा और पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से समिति लगातार प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायतें रख रही है।
10 जुलाई को भी की थी शिकायत, 30 जुलाई को बना था पंचनामा
समिति ने इस मामले में पहले भी 10 जुलाई 2026 को तत्कालीन कलेक्टर को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद सैलाना एसडीएम को मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे। शिकायत के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को इस संबंध में पंचनामा भी तैयार किया गया था। हालांकि, समिति का आरोप है कि जांच के बाद भी मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
जनसुनवाई में जांच की जानकारी मांगने पर नहीं मिली जानकारी
बीते 15 सितंबर 2026 को आयोजित जनसुनवाई में समिति के सदस्यों ने मामले की जांच की प्रगति और तैयार किए गए पंचनामे की प्रति मांगी थी। समिति के अनुसार, इस दौरान सैलाना एसडीएम ने जानकारी देने से इनकार करते हुए मामला कलेक्टर कार्यालय से संबंधित बताया था। इसके बाद समिति ने एक बार फिर मामले को मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम में उठाने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री जनसंवाद में पहुंची शिकायत, कलेक्टर ने दिए कार्रवाई के निर्देश
रामद्वारा बचाओ समिति ने मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम में कलेक्टर के समक्ष दोबारा शिकायत प्रस्तुत करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत में रामद्वारा की भूमि को कथित अवैध कब्जों से मुक्त कराने पर विशेष जोर दिया गया।
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने सैलाना तहसीलदार को आवश्यक कार्रवाई करने तथा अगले 7 कार्यदिवसों के भीतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार
कलेक्टर के निर्देश के बाद अब सैलाना में रामद्वारा की भूमि पर कथित अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है। रामद्वारा बचाओ समिति को उम्मीद है कि इस बार मामले में ठोस कदम उठाए जाएंगे और धार्मिक स्थल की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन निर्धारित समयसीमा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी करेगा और रामद्वारा की भूमि से जुड़े कथित अवैध कब्जे, दुकानों तथा रजिस्ट्री संबंधी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा? सैलाना के लोगों की निगाहें अब तहसीलदार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत