रिंगनोद/रतलाम। हिंदू समाज को संगठित करने, धर्म एवं संस्कृति की रक्षा करने और सामाजिक चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से विश्व हिंदू परिषद लगातार कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ जिले के रिंगनोद प्रखंड के असावती खंड में विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संगठन के कार्यकर्ताओं ने बोर्ड स्थापना कर स्थापना दिवस मनाया तथा संगठन के उद्देश्यों और कार्यों को लेकर चर्चा की।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री तूफान सिंह यादव ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुंबई के सांदीपनि आश्रम में हुई थी। उन्होंने कहा कि संगठन की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, धर्म की रक्षा करना तथा धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर निरंतर कार्य करना है।
जिला मंत्री तूफान सिंह यादव ने कार्यकर्ताओं को विश्व हिंदू परिषद की स्थापना से लेकर अब तक की ध्येय यात्रा और विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करते हुए हिंदू समाज में जागरूकता, सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि संगठन के उद्देश्यों और विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के साथ ही सेवा एवं सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि मजबूत और संगठित समाज ही अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की प्रभावी ढंग से रक्षा कर सकता है।
स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल रहा। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिला, प्रखंड, खंड एवं ग्राम समिति के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने संगठन की गतिविधियों को गांव-गांव तक मजबूत करने और समाज को संगठित करने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत