रतलाम / सैलाना। गणेश उत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति से विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सैलाना में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में मिट्टी गणेश–सिद्ध गणेश अभियान के अंतर्गत विशेष मिट्टी गणेश प्रतिमा निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने हाथों से मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बनाईं। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के साथ ही प्रकृति प्रेम और पारंपरिक संस्कृति का महत्व समझाया गया।
कार्यशाला का आयोजन विकासखंड समन्वयक रतनलाल चरपोटा के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें नवांकुर संस्था भागीरथ रूरल अवेयरनेस थिंकर्स फाउंडेशन के हरीश सिलावट, परामर्शदाता योगेश तंवर, मूर्ति निर्माण प्रशिक्षक योगेश जाट एवं समाजसेवी मांगीलाल खराड़ी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
मूर्ति निर्माण प्रशिक्षक योगेश जाट ने भैया-बहिनों को मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा बनाने की विभिन्न विधियों की जानकारी दी। उन्होंने मिट्टी को आकार देने, प्रतिमा की संरचना तैयार करने तथा गणेश प्रतिमा को आकर्षक स्वरूप देने की बारीकियां विद्यार्थियों को समझाईं। इसके बाद विद्यार्थियों ने स्वयं मिट्टी से गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया। अपने हाथों से प्रतिमा तैयार करने को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य धर्मेन्द्र पाटीदार, श्रीमती नीता रावल, हितेश मेवाती, कन्हैयालाल जी पाटीदार सहित विद्यालय के आचार्य-दीदी उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश दिया।
कार्यशाला के पश्चात नवांकुर संस्था द्वारा एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया। विद्यार्थियों को पौधों की नियमित देखभाल, उनके संरक्षण और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
आयोजकों ने बताया कि प्लास्टर ऑफ पेरिस एवं रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं के स्थान पर मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को बढ़ावा देना पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण कदम है। मिट्टी की प्रतिमाएं विसर्जन के बाद प्राकृतिक रूप से पानी और मिट्टी में मिल जाती हैं, जिससे जल प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है।
कार्यशाला ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता, पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति प्रेम और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत किया। मिट्टी गणेश–सिद्ध गणेश अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल गणेश प्रतिमा बनाना सीखा बल्कि पर्यावरण हितैषी गणेश उत्सव मनाने का संकल्प भी लिया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत