रतलाम / सैलाना l मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की नगर परिषद सैलाना में सफाई कर्मचारियों और सफाई संरक्षकों की पदोन्नति का मामला एक बार फिर गरमा गया है। 103 साल पुरानी इस नगर परिषद की स्थापना वर्ष 1923 में हुई थी। तब से लेकर आज तक एक भी सफाई कर्मचारी को पदोन्नति न मिलने का गंभीर आरोप लगाया जा रहा है। यदि यह दावा सही साबित होता है तो यह न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही बल्कि सफाई कर्मचारियों के साथ लंबे समय से हो रहे भेदभाव का प्रतीक बन जाता है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा जारी सूचना पत्र क्रमांक न.प./सी.एम. हेल्पलाइन/2026/3070 दिनांक 10 सितंबर 2026 में बताया गया है कि पात्र सफाई कर्मचारियों एवं सफाई संरक्षकों की पदोन्नति के लिए वर्ष 2025 की स्थिति में वरिष्ठता सूची तैयार कर उसका विधिवत प्रकाशन जनवरी 2025 में किया जा चुका है। पत्र में यह भी उल्लेख है कि निकाय के सफाई कर्मचारियों एवं सफाई संरक्षकों सहित अन्य सभी संवर्गों के कर्मचारियों के पदोन्नति प्रकरण तैयार कर नगर परिषद पत्र क्रमांक 2549 दिनांक 17 जुलाई 2026 के माध्यम से संभागीय कार्यालय उज्जैन भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद आज दिनांक तक सफाई कर्मचारियों एवं सफाई संरक्षकों के पदोन्नति आदेश जारी नहीं हुए हैं।
शिकायतकर्ता श्री दिनेश पारगी (वार्ड क्रमांक 08 नवग्रह मार्ग सैलाना) ने सी.एम. हेल्पलाइन पर शिकायत क्रमांक 39469108 दिनांक 15 जुलाई 2026 दर्ज कराई थी। शिकायत में मध्य प्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आदेश क्रमांक 3020/1/0621/2026/18-1 तथा 3022/1/0621/2026/18-1 भोपाल दिनांक 09 जुलाई 2026 का हवाला देते हुए कहा गया था कि समस्त निकायों के स्थाई कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए गए हैं किंतु नगर परिषद सैलाना द्वारा पात्र सफाई कर्मचारियों/सफाई संरक्षकों की पदोन्नति नहीं की जा रही है और न ही शासन आदेशानुसार वरिष्ठता सूची जारी की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी शासन आदेशों की निरंतर अवहेलना कर रहे हैं।
नगर परिषद के जवाबी सूचना पत्र में कहा गया है कि पदोन्नति नियम 2025 के अनुसार वरिष्ठता सूची जनवरी 2025 में प्रकाशित हो चुकी है और सभी प्रकरण जुलाई 2026 में संभागीय कार्यालय भेज दिए गए हैं इसलिए निकाय द्वारा शासन आदेश की अवहेलना नहीं हुई है। लेकिन शिकायतकर्ता इसे मात्र खानापूर्ति बताते हुए सवाल उठा रहे हैं कि जब वरिष्ठता सूची और प्रकरण भेजने की कार्रवाई हो चुकी है तो पदोन्नति आदेश जारी होने में इतनी देरी क्यों? क्या यह जानबूझकर किया जा रहा है?
सबसे गंभीर आरोप यह है कि नगर परिषद सैलाना की स्थापना 1923 में स्टेट समय में हुई थी। तब से लेकर आज तक एक भी सफाई कर्मचारी की पदोन्नति नहीं हुई। शिकायतकर्ता इसे इस वर्ग का बड़ा दुर्भाग्य बताते हुए कहते हैं कि मनुवादी विचारधारा वाले अधिकारियों की ओछी मानसिकता के कारण ये कर्मचारी वरिष्ठ पदों पर पदोन्नति से वंचित रखे जा रहे हैं। लोकप्रिय मुख्यमंत्री के शासन आदेशों की निरंतर अवहेलना की जा रही है और अधिकारी-पदाधिकारी शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने मध्य प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया है कि मनुवादी विचारधारा वाले अधिकारियों एवं पदाधिकारियों के विरुद्ध लोकायुक्त तथा आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से जांच कराई जाए। यदि पदोन्नति प्रक्रिया में जानबूझकर लापरवाही नियमों की अनदेखी या कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही पात्र सफाई कर्मचारियों एवं सफाई संरक्षकों के लंबित पदोन्नति आदेश तत्काल जारी कराने की मांग की गई है।
यह मामला सिर्फ एक नगर परिषद तक सीमित नहीं है। सफाई कर्मचारियों की पदोन्नति में देरी और भेदभाव के आरोप समय-समय पर विभिन्न निकायों में उठते रहे हैं। शासन स्तर पर पदोन्नति नियमों और आदेशों के बावजूद जमीनी स्तर पर उनका पालन न होना कर्मचारियों में आक्रोश पैदा कर रहा है। सफाई कर्मचारी शहर की स्वच्छता का आधार होते हैं। वे बिना किसी भेदभाव के दिन-रात काम करते हैं लेकिन जब उनकी अपनी सेवा शर्तों और पदोन्नति का सवाल आता है तो प्रशासन की उदासीनता साफ नजर आती है।
नगर परिषद सैलाना का पता Near Ghanta Ghar Square Sailana Pin-457550 है। संपर्क नंबर 07413-278627 और ई-मेल cmoseilana@mpurban.gov.in है। आधिकारिक वेबसाइट www.mpurban.gov.in पर भी जानकारी उपलब्ध है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब जनवरी 2025 में वरिष्ठता सूची प्रकाशित हो चुकी है और जुलाई 2026 में पदोन्नति प्रकरण संभागीय कार्यालय भेज दिए गए हैं तो सितंबर 2026 तक भी आदेश क्यों नहीं जारी हो पाए? क्या संभागीय कार्यालय उज्जैन में प्रकरण अटके हुए हैं या कोई और अड़चन है? प्रशासन को इस मामले में पारदर्शिता बरतते हुए स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
शिकायतकर्ता की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और पात्र कर्मचारियों को बिना किसी देरी के पदोन्नति का लाभ मिले। यदि 103 साल पुरानी नगर परिषद में आज तक एक भी सफाई कर्मचारी पदोन्नत नहीं हुआ है तो यह गंभीर प्रशासनिक विफलता है। शासन-प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए ताकि सफाई कर्मचारियों को न्याय मिल सके और शासन के आदेशों का वास्तविक पालन सुनिश्चित हो।
कर्मचारियों का विश्वास प्रशासन में तभी बढ़ेगा जब कागजी कार्रवाई के साथ वास्तविक परिणाम भी नजर आएंगे। सैलाना नगर परिषद और संबंधित संभागीय अधिकारियों से अब इस सवाल का जवाब अपेक्षित है कि पदोन्नति आदेश कब जारी होंगे।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत